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Personal Finance Personal Finance जल्दी ही बैंक परिसरों में वित्तीय साक्षरता के केंद्र दिखाई देंगे। जहां बैंक या सेना के रिटायर्ड अधिकारी आपको ब्याज की गिनती से लेकर वित्तीय लेन-देन की बारीकियां समझा रहे होंगे। किसानों के कर्ज से लेकर क्रेडिट कार्ड तक की समस्याएं सुलझाई जा रही होंगी ताकि उनकी जिंदगी में कर्ज से कोई खलल न हो। वित्तीय साक्षरता की कोई कीमत ग्राहकों से नहीं ली जाएगी। ये केंद्र सभी वित्तीय मसलों पर तो सलाह और प्रशिक्षण देंगे, लेकिन निवेश के बारे में कोई सलाह नहीं देंगे।
रिजर्व बैंक ने भविष्य में खुलने वाले वित्तीय साक्षरता व सलाह केंद्र (एफएलसीसी) खोलने के बारे में गुरुवार को एक कंसेप्ट पेपर जारी करके जनता की राय मांगी है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 2008-09 के बजट में कर्ज की सलाहकार सेवाओं के लिए बैंक व सेना के रिटायर्ड अधिकारियों को भर्ती करने के संकेत दिए थे।
मकसद:
1. वित्तीय क्षेत्र की ओर से दी जा रही सेवाओं और उत्पादों के बारे में ग्रामीण व शहरी लोगों को जानकारी देना।
2. लोगों को यह बताना कि औपचारिक वित्तीय क्षेत्र के प्रति जागरुक रहने के फायदे क्या हैं।
3. जो लोग कर्ज में डूबे हैं, उन्हें रास्ते सुझाना। वित्तीय लेन-देन का प्रशिक्षण।
4. कर्जदारों के लिए विकल्प तलाशना और औपचारिक बैंकों को वही सलाह देना।
5. बैंकिंग उत्पादों, सेवाओं और नियोजन की जानकारी देने वाली गतिविधियां बढ़ाना।
क्या करेंगे केंद्र:
जहां ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी बैंक ऐसे केंद्र खोलेंगे, वहीं शहरी क्षेत्रों में क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन, हाउसिंग लोन व आटो लोन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कोशिश तो यह है कि ये केंद्र बैंकों के रिकवरी या मार्केटिंग एजेंट की तरह नहीं समझे जाएं। यानी ये पूरी तरह स्वतंत्र हों। बैंक भी आसानी से इन केंद्रों से संपर्क कर सकें।
- रिजर्व बैंक ‘प्रोजेक्ट फाइनेंशियल लिटरेसी’ नाम की परियोजना चला रहा है। इसमें स्कूल कालेज के बच्चों से लेकर महिलाओं व किसानों तक को वित्तीय मसले समझाए जाते हैं।
- एनएसएओ के सर्वे के मुताबिक 2003 में 48.6 फीसदी किसान घर कर्ज में डूबे हुए हैं। हर किसान पर औसतन 12,585 रुपए का कर्ज है।
- किसानों ने साहूकारों से कर्ज ले रखे हैं, इसलिए इन पर ऊंची ब्याज दरें चुकानी पड़ती हैं। महंगे कर्ज के कारण कृषि की लागत बढ़ जाती है।
- सीपी स्वर्णकार व एसएस जोल के कार्यसमूहों ने कर्ज व तकनीकी मसलों की जानकारी सलाह के रूप में देने पर जोर दिया है।