भोपाल.
शहर के कुछ इलाकों में दूध के पैकेट से पैकिंग की तारीख नदारद मिल रही है। दूध निर्माताओं का तर्क है कि हो सकता है कि कुछ पैकेट पर तारीख नहीं लिखी हो, लेकिन हमारी कोशिश रहती है कि सभी पैकेट पर उसकी पैकिंग की तारीख डाली जाए, जिससे ग्राहकों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो कि दूध ताजा है या बासा।
नुकसानदायक हो सकता है
चिकित्सकों की राय है कि दूध ज्यादा पुराना हो तो उसकी गुणवत्ता तो खत्म हो ही जाती है। साथ में ऐसे दूध का उपयोग करने से संक्रमण का खतरा भी होता है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. वीके शर्मा का कहना है कि दूध अगर पुराना है तो उससे डायरिया हो सकता है। साथ ही संक्रमण से अन्य घातक बीमारियां भी हो सकती हैं। हमीदिया चिकित्सालय के अधीक्षक डा. डीके वर्मा का कहना है कि पैकेट बंद रहता है, तब तक तो खतरा नहीं है। लेकिन उसे खोल दिया जाए तो उसमें बैक्टीरिया प्रवेश कर सकता है, जो बीमारी फैला सकता है।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई: वर्मा
खाद्य औषधि एवं प्रशासन विभाग में निरीक्षक डीके वर्मा का कहना है कि हमें चार महीने पहले शिकायत मिली थी, जिसमें सौरभ दूध पर तारीख न लिखे जाने की शिकायत थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रकरण भी कायम किया गया था। किसी भी ब्रांड के दूध में पैकिंग की तारीख नहीं लिखी जा रही है, तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह से है यह स्थिति
यह मुद्दा दैनिक भास्कर को सिटीजन रिपोर्टर के तौर पर कोहेफिजा निवासी सरफराज अब्बास रिजवी ने उजागर किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से सांची शक्ति दूध के पैकेट पर पैकिंग की तारीख नहीं लिखी जा रही है। जब उन्होंने इस बात की शिकायत आउट लेट पर की तो दुकानदार का साफ कहना था कि दूध के पैकेट पर दुग्ध संघ से ही तारीख लिखी नहीं आ रही है। इसलिए हमारे पास जैसा दूध आ रहा है, हम वैसा ही बेच रहे हैं। श्री रिजवी का कहना था कि इससे यह भ्रम की स्थिति बन गई है कि मिल्क पार्लर पर मिलने वाला दूध कहीं पुराना तो नहीं है, जिसे जनता को बेचा जा रहा है।
जब दैनिक भास्कर संवाददाता ने शहर की कुछ पाश कालोनियों का दौरा किया तो पता चला कि कुछ और इलाकों में भी इसी तरह के पैकेट मिल रहे हैं। पद्मनाभ नगर स्थित दिलीप एजेंसी के संचालक दिलीप साहनी का कहना था कि कभी तो दूध के पैकेट पर तारीख डाल दी जाती है। कभी बिना पैकिंग की तारीख दिए सप्लाई कर दिया जाता है।
वैसे तो पूरी सावधानी बरती जाती है कि कोई भी पैकेट बिना पैकिंग तारीख के दुग्ध संघ से बाहर न निकले। फिर भी इस तरह की शिकायत है तो उसकी गंभीरता से जांच करेंगे।
-मशरूर आलम खां, सीईओ, भोपाल सहकारी दुग्ध संघ