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सूरज परछाई से हारा

जयपुर. sunराजधानी में शुक्रवार को 60 किलोमीटर की रफ्तार से आए अंधड़ ने कुछ देर के लिए शहर के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। ब्रrापुरी में रामगढ़ मोड़ के पास टिनशेड गिरने से कई कारें क्षतिग्रस्त हो गई। दोपहर एक बजे शहर के कई इलाकों में अंधेरा छा गया। लोग जहां थे वहीं वाहनों के साथ खड़े हो गए या दुपहरी में हैड लाइट ऑन कर चलना पड़ा।

बारिश, अंधड़ के कारण तापमान में भी 7 डिग्री की गिरावट आई और पारा 29 डिग्री पर आ गया। शहर में सवेरे से ही बादल छाए हुए थे। दोपहर 12:30 बजे तक घनघोर घटाएं छा र्गई और तेज हवाएं चलने लगीं। दोपहर 12:50 बजे 60 किमी की रफ्तार से अंधड़ आया और पूरा शहर धूल से भर गया। इसकी दिशा पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम थी।

इससे टिन शेड और मकानों की छत पर रखा सामान उड़ गया। रामगढ़ मोड़ के पास एक टिनशेड उड़कर वहां खड़ी कारों पर आ गिरा। इससे कुछ कारों के शीशे टूट गए और कुछ की छतें दब र्गई। आंधी के दौरान कुछ देर के लिए मानो पूरा शहर थम गया, जिसे जहां जगह मिली, वह वहीं रुक गया। करीब 10 मिनट तक शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। अंधड़ से दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में रिमझिम शुरू हो गई। करीब एक घंटे के बाद मौसम सामान्य हो पाया। दोपहर तीन बजे फिर बूंदाबांदी शुरू हुई जो कुछ देर में ही थम गई।

नहीं रुक रहा फसलों पर मौसम का कहर

पिछले छह दिनों से जारी मौसम के कहर से रबी की फसलों का खराबा लगातार बढ़ता जा रहा है। बेमौसम की वर्षा, आंधी व ओलों ने करीब 20 जिलों में खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल को बर्बाद कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का आकलन अभी चल रहा है।

कृषि आयुक्त मनोज शर्मा के अनुसार सभी जिलों से आंकड़े नहीं आने से अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हाल ही मौसम बदलने से कितने क्षेत्र में फसलों को कितना नुकसान हुआ है। शर्मा के अनुसार गेहूं, जौ, चने के अलावा जीरा, ईसबगोल, धनिया, सब्जियों व फलों की फसल को नुकसान पहुंचा है। सरसों में कम नुकसान होने की संभावना है। नागौर जिले में खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गई है। जीरे व ईसबगोल की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जैसलमेर में फसलें खराब होने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

पाली, जालोर एवं सिरोही जिलों में भी फसलें बर्बाद हुई हैं। सिरोही में करीब 25 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल खराब होने का अनुमान है। भरतपुर जिले में भी फसलें खराब होने से भारी नुकसान आंका जा रहा है। भीलवाड़ा व उदयपुर जिले में तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हुआ है। बीकानेर जिले में फसलों की भारी बर्बादी हुई है। अजमेर जिले फसलों में करीब 40 फीसदी नुकसान बताया जा रहा है।

राज्यभर में बारिश, ओले

>> बिजली गिरने से बूंदी व नागौर में दो-दो तथा कोटा व बाड़मेर में एक-एक की मौत।
>> सावर कस्बे में बिजली गिरने से पुलिस थाने का वायरलेस सेट जला। एक्सचेंज पर बिजली गिरने से टेलीफोन डेड।
>> कोटा, बीकानेर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, भरतपुर और राजसमंद में ओले गिरे।
>> मारवाड़ में मूसलाधार : जोधपुर, जैसलमेर, सिरोही, जालोर में बारिश, जीरे, लहसुन, ईसबगोल की फसल को नुकसान।
>> गंगानगर के सूरतगढ़ में कच्चे मकान की छत गिरी, 15 घायल।

मंत्री के पीछे पड़ी आंधी

कुशलगढ़ (बांसवाड़ा). जिले में शुक्रवार को आंधी एक मंत्री के पीछे पड़ गई। मंत्री आगे-आगे और आंधी पीछे-पीछे। मंत्रीजी जहां गए, धूलभरी आंधी ने वहीं उनका टेंट गिरा दिया। मोहकमपुरा गांव में प्रभारी मंत्री कनकमल कटारा की सभा के दौरान तेज अंधड़ से टेंट गिर गया। टेंट के नीचे खुद कटारा भी आ गए। हालांकि उन्हें चोट नहीं आई। दस अन्य लोग घायल हो गए। कटारा यहां मुख्यमंत्री सर्वजन संबल अभियान शिविर में आए थे। यहां से कटारा बड़ोदिया पहुंचे। वहां भी कटारा के कार्यक्रम में टेंट गिर गया।

फर्क यह रहा कि इस बार कटारा बच गए। सभा में मौजूद और कोई व्यक्ति भी घायल नहीं हुआ। लेकिन गनीमत रही कि अबकी बार न तो टेंट उन पर गिरा न ही कोई चोटिल हुआ। बड़ोदिया में भी मुख्यमंत्री सर्वजन संबल अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री कटारा चेक वितरण करने गए थे। कटारा के टेंट से बाहर निकलने के थोड़ी देर बाद ही अंधड़ से टेंट गिर गया। मंत्री कटारा को माही रेस्ट हाउस लाया गया, जहां उन्हें करीब दो घंटे तक रुकना पड़ा।





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