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3 माह में 30 प्रतिशत बढ़ी महंगाई

नई दिल्ली/जयपुर.riseमहंगाई पर सरकार की कोशिशें रंग लाएं उसके पहले महंगाई की दर 22 मार्च को समाप्त सप्ताह में 7 फीसदी हो गई है। यह तीन साल में सबसे ज्यादा है। पहले 4 दिसंबर 2004 को महंगाई 7.02 फीसदी पर पहुंची थी जबकि बीते सप्ताह महंगाई की दर लगातार बढ़त के साथ 6.68 फीसदी तक पहुंच गई थी।

महंगाई पर काबू पाने की कोशिश में हाल में जरूरी चीजों की कीमतें घटाने की हकीकत भी बेहद डरावनी है। दरअसल जयपुर में नए साल में जरूरी चीजों के भाव 30 फीसदी बढ़े हैं। सरकार इन्हें 2 फीसदी कम कर महंगाई को काबू करने का दावा कर रही है। महंगाई के प्रभाव से अनाज, सब्जियों, तेलों सहित तमाम आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। देश में आवश्यक वस्तुओं के दाम ११ फीसदी तक बढ़ गए हैं।

>> उपभोक्ता मामलों के विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चना 2.7 फीसदी तेज हो कर 38 रु. प्रति किलो पर बिक रहा है। चीनी के दाम 6 फीसदी की तेजी के साथ 18 रु. प्रति किलो पर पहुंच गए हैं।
>> खाद्य तेलों पर शुल्क में कटौती के बाद भी सरसों का तेल 2.76 फीसदी बढ़कर 77 रु. प्रति किलो, वनस्पति 10.14 फीसदी बढ़कर 76 रु. प्रति किलो हो गए हैं।
>> फलों व सब्जियों की कीमतों में एक फीसदी का उछाल देखने को मिला है। चने में तीन फीसदी, मसूर में दो फीसदी तथा उड़द, मूंग, अंडा, मीट और मछली के दामों में एक फीसदी की तेजी आई है।

>> महंगाई पर कृषि व वाणिज्य मंत्रालय आमने-सामने

वित्त मंत्रालय ने वाणिज्य मंत्रालय की सलाह पर मक्का पर आयात शुल्क की कटौती का फैसला किया है। कृषि मंत्रालय इस फैसले से खफा है। कृषि मंत्रालय के अनुसार भारत मक्का का आयात नहीं करता है, इसलिए मक्का आयात पर शुल्क की कटौती की जरूरत नहीं है।

‘अत्यधिक तरलता को कम करने के लिए रिजर्व बैंक सीआरआर बढ़ा सकता है।’
-डी के जोशी,प्रमुख अर्थशास्त्री, क्रिसिल

-‘तरलता की स्थिति ठीक है, ब्याज दरों में किसी प्रकार का फेरबदल करने से पहले हम आरबीआई का निर्णय जानना चाहेंगे।’
-‘सरकार के उपायों से महंगाई थमेगी व विकास पहले की तरह जारी रहेगा’
-केवी कामथ,सीईओ, आईसीआईसीआई बैंक

>> जरूरी वस्तुओं की कीमतें घटेंगी : एसोचैम

उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष वेणुगोपाल एन धूत ने सरकार द्वारा महंगाई रोकने के उपायों को पर्याप्त बताते हुए कहा कि जल्द आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में सुधार देखने को मिलेगा। उनका कहना था कि तरलता बनाए रखने के लिए ब्याज दरों में परिवर्तन के अलावा रिजर्व बैंक को कुछ और कदम उठाने होंगे। वर्तमान वित्त वर्ष में विकास दर 8.5 फीसदी पार कर जाएगी।

>> दाल की कीमतें दो फीसदी तक गिरेंगी

दाल आयातक संघ के अध्यक्ष के सी भरतिया ने आशा जताई है कि आयातित माल के घरेलू बाजार में पहुंचते ही दाल की कीमतें दो फीसदी तक नीचे आएंगी।

>> खाद्य पदार्र्थो की कीमतों में तेजी बनी रहेगी : विश्व बैंक

विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक जुआन जोस दबौब ने आशंका जताते हुए कहा है कि खाद्य पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी बनी रहेगी है।

>> दावे और हकीकत

जमाखोरी: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री कमल नाथ ने कहा है कि सीमेंट, इस्पात व खाद्य पदार्थों की जमाखोरी बर्दाश्त नहीं होगी।
हकीकत : जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई के अधिकार राज्यों के पास हैं।
दावा : बासमती के निर्यात पर से रियायतें समाप्त।
हकीकत: देश में बासमती का इस्तेमाल बहुत छोटा वर्ग करता है।
दावा : स्टील व सीमेंट की कीमतें घटाने के लिए उद्योग पर दबाव।
हकीकत: थोक मूल्य सूचकांक में इनका ज्यादा महत्व नहीं।





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