इंदौर.
शुक्रवार शाम धूलभरी आंधी ने घंटेभर तक शहर की रफ्तार रोक दी। सड़क पर सरसराती हवा दौड़ रही थी और दोनों किनारों पर थमे लोगों का जाम लगा हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा थी। तेज हवा के कारण लगभग सारे शहर की बिजली 15 मिनट तक गुल हो गई।
सुबह से ही मौसम का मिजाज कुछ नरम सा था। गुरुवार को आसपास के अंचल में हुई बारिश की नमी मौसम में घुली हुई थी, इसलिए शाम होते-होते ठंडी हवाएं चलने लगीं। बारिश की उम्मीद जगी लेकिन रात आठ बजे हवाओं ने रफ्तार पकड़ ली और 15 मिनट के भीतर ही आंधी का रूप ले लिया। रेसकोर्स रोड के दोनों किनारों पर खड़े ठेलेवालों और फुटपाथ पर बैठे दुकानदारों ने हवा का मिजाज भांपकर सामान समेटना शुरू कर दिया। लोगों ने सिटी बस स्टॉप का सहारा लिया।
उधर, वाय.एन. रोड पर रात को टहल रहे लोग भी तेज हवा के कारण वापस घर की ओर लौटने लगे, तब तक आंधी तेज हो चुकी थी। हाईकोर्ट के सामने से रीगल चौराहे से आगे एमजी रोड तक खाली हो चुका था। सड़कों पर पत्तों की सरसराहट की आवाज और धूलभरी हवाओं के निशान बाकी थे। इसी बीच पूरे शहर की बिजली गुल हो गई।
आधे घंटे में 35 शिकायत
आंधी थमने के 15 मिनट बाद अधिकांश इलाकों की बिजली आ गई लेकिन स्कीम नंबर 78, संगम नगर, आरटीओ रोड इलाके में देर रात तक बिजली नहीं आई। बिजली कंपनी के कॉल सेंटर के मुताबिक आधे घंटे के भीतर 30-35 शिकायतें दर्ज की गई।
उड़ानों के लिए बना खतरा
इधर शहर की बिजली गुल हुई उधर विमानों के लिए भी खतरा मंडराने लगा। इंशुरेंस कंपनी के मैनेजर विवेक दुबे बताते हैं सुरक्षा की दृष्टि से हर मोबाइल टॉवर के ऊपर लाइट जलना चाहिए ताकि विमानों को ऊंचाई का पता लग सके लेकिन गांधीनगर में आइडिया के मोबाइल टॉवर की लाइट अकसर बंद रहती है। एअर पाथ होने के कारण कई उड़ानें इस दौरान आईं और टकराने का खतरा बना रहा।
महू, देपालपुर, सांवेर सभी आए चपेट में
महू में रात आठ बजे के करीब मौसम बदला और आंधी शुरू हो गई। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंधी चली तो कहीं बूंदाबांदी भी हुई। इससे कुछ जगह पेड़ भी उखड़ गए हैं। नगर में रात लगभग ८.३क् बजे आंधी शुरू हुई जो २क् मिनट जारी रही। सागौर में लगभग आधा घंटा आंधी चली और बाजार में एक नीम का पेड़ उखड़ गया। सांवेर में भी लगभग २क् मिनट आंधी के बाद बूंदाबांदी शुरू हुई। बेटमा में आंधी के बाद शॉर्ट सर्किट से एक डीपी में आग लगी तथा कुछ पेड़ भी उखड़ गए। मानपुर और हातोद १५ मिनट तक आंधी चली। देपालपुर में भी लगभग पौन घंटा आंधी चली।
कई होर्डिग गिरे
मरीमाता के पास बन रही बांड सड़क के लिए 40 अस्थायी बोर्ड लगाए गए थे। आंधी के कारण यह सड़कों पर बिछ गए। श्रीकृष्ण टॉकिज के पास एक होर्डिग गिर गया। होर्डिग पुलिस की गाड़ी पर गिरने से हादसा होते-होते बचा। सिटी सेंटर के पास एक होर्डिग और वेपर लैंप नीचे गिर गया। इसके साथ ही कई इलाकों में लगे छोटे-छोटे होर्डिग और फ्लेक्स शीट भी गिर गए।
तापमान एक डिग्री गिरा
पश्चिमी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने से उप्र और राजस्थान के ऊपर बादल छाए हुए हैं। इसका असर प्रदेश में कई इलाकों पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को दिन के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 33 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि रात का तापमान 18.4 डिग्री सेल्यिस रहा।