बीकानेर. नगर परिषद, बीकानेर के चालू वित्त वर्ष का बजट फिर से साधारण सभा में रखा जाएगा और अगर इस बार भी बजट को बहुमत से लौटा दिया जाता है तो सरकार इस पर निर्णय करेगी। इस फैसले के साथ राजस्थान सरकार ने बीकानेर नगर परिषद के बजट को फिर से लौटा दिया है और बजट पारित करवाने के लिए साधारण सभा करवाने के निर्देश दिए हैं।
फरवरी में नगर परिषद की बैठक में बजट गिरा था और इसके बाद अप्रैल की शुरुआत में यह फैसला आया है। अब नगर परिषद को जल्दी ही साधारण सभा की बैठक बुलानी पड़ेगी। इधर, साधारण सभा के हालात पहले जैसे ही हैं। सामाजिक न्याय मंच के भाजपा से वापस हाथ मिला लेने के बाद बदले हुए समीकरण में यह संभव नहीं है कि वर्तमान स्थितियों में बजट पारित हो सके। हालांकि सूत्रों का कहना है कि शहर के विकास का वास्ता देते हुए बजट को पास करवाने के लिए दोनों ही पार्टियों के कुछ संजीदा किस्म के नेताओं की वार्ता हुई है लेकिन सारा दारोमदार पार्षदों पर होने की वजह से कोई भी इस संबंध में सीधी बात कहने से कतरा रहा है।
मुख्यमंत्री के अगस्त में बीकानेर आने के कार्यक्रम को देखते हुए न सिर्फ नगर परिषद क्षेत्र के जिम्मे कई काम हैं बल्कि दूसरे कामकाज के लिए अतिरिक्त बजट मिलने की भी उम्मीद है लेकिन इन सभी के बीच सबसे पहले बजट पारित करवाने की चुनौती है जो एक-तिहाई बहुमत के बगैर संभव नहीं है और इसे जुटाना अकेले कांग्रेस के वश की बात नहीं है। इसलिए कांग्रेस इस दिशा में सरकार से ही आस रखे हुए थी। इस बीच सरकार ने फिर से बैठक कर बजट पारित करने का आदेश दिया है।
कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि अगर भाजपा साथ दे तो हम बजट के लिए फिर से बैठक करवा सकते हैं लेकिन यह तब ही संभव होगा जब इतना तय हो जाए। उल्लेखनीय है कि बीकानेर भाजपा में संगठन और सत्ता के बीच चल रही खींचतान में संगठन का वर्चस्व अधिक है। पिछले दिनों सीएम के नजदीक माने जाने वाले मंत्रियों से सार्वजनिक रूप से कहासुनी और मंत्रिमंडल छोड़ चुके नेताओं का शानदार स्वागत इस बात को अधिक पुष्ट करता है। ऐसे में सिर्फ सीएम के आगमन से पहले बजट पास करवाने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने का निर्देश देने की बात संगठन के गले नहीं उतरती लगती। इसके लिए कुछ शर्तो पर सहमति होने पर ही बात आगे बढ़ सकती है लेकिन इसके लिए कांग्रेस कब तैयार होगी, यह अभी तक तय नहीं है।
20 करोड़ चाहिए
नगर परिषद सभापति मकसूद अहमद ने स्वायत्त शासन विभाग के सचिव मनजीतसिंह को 20 करोड़ रुपए की एक कार्ययोजना सौंपी है जिससे शहर में नाली, सड़क व सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था हो सके। सभापति ने बताया कि इस पत्र को वित्त विभाग में भेज दिया गया है। विभाग की स्वीकृति मिलने के साथ ही शहर में विकास के लिए अतिरिक्त आवश्यक राशि मिलने की संभावना है।
एक तरफ सरकार रोजाना फरमान निकाल रही है कि सीएम के आने से पहले शहर में सफाई और रोशनी का माकूल इंतजाम हो। दूसरी तरफ बजट को पारित करवाने के लिए वापस भेज दिया है जबकि भाजपा के बोर्ड में इस तरह बजट को सरकार ने पारित किया था। अगर शहर का विकास करवाना है तो सभी को साथ देना होगा। हम इस बार भी सभी के सहयोग से बजट पारित करने के लिए तैयार हैं।
- मकसूद अहमद, सभापति, नगर परिषद
हम शहर के विकास के खिलाफ नहीं है लेकिन नगर परिषद क्षेत्र में विकास का प्रमाण तो मिले। सारे कार्य नगर परिषद क्षेत्र से बाहर हो रहे हैं। सारे शहर में एक साथ विकास का काम होना चाहिए। इसके अलावा हमारे सवालों के जवाब दिए जाएं। हम किसी भी सूरत में चहेतों का का विकास नहीं होने देंगे।
-भानु व्यास, नेता प्रतिपक्ष, नगर परिषद