बीकानेर. नगर विकास न्यास ने कृषि भूमि पर बसी हुई कॉलोनियों के सर्वे का काम शुरू किया है। इस सर्वे के माध्यम से न्यास यह पता लगाएगा कि जहां-जहां कॉलोनियां बसी हुई हैं वहां रहने वाले लोगों के लिए क्या किया जा सकता है। यह सर्वे रिपोर्ट न्यास अपनी सिफारिश के साथ सरकार के पास भेजेगा ताकि यहां रहने वाले लोगों के संबंध में कोई फैसला हो सके।
जानकारी के अनुसार यह रिपोर्ट सरकार के निर्देश पर ही बनाई जा रही है। इस रिपोर्ट में यह पता लगाया जाएगा कि जो लोग 90बी की प्रक्रिया अपनाए बगैर कृषि भूमि पर निवास कर रहे हैं उन्होंने निर्धारित प्रावधानों का पालन किया है या नहीं। 90बी का प्रावधान लागू होने से काफी पहले से जो लोग कृषि भूमि पर आबाद हैं उनके लिए यह खासतौर से सर्वे करवाया जा रहा है। यह ऐसे आबादियां हैं जो न्यास से अनुमोदित करवाए बगैर बस गई या बसा दी गई। इन आबादियों का ले-आउट अनुमोदित नहीं होने की वजह से अब यहां रहने वालों को परेशानी आ रही है।
उल्लेखनीय है कि बीकानेर के आसपास के खुले क्षेत्र में लोगों ने आवश्यकता के अनुसार अपने घर बना लिए। इस तरह के मकान जयपुर रोड पर बड़ी संख्या में मिल जाएंगे। अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी आबादियां हैं।
इन लोगों को हटाना संभव नहीं है वहीं ये आबादियां कच्ची बस्ती क्षेत्र में भी नहीं आती। ऐसे में कच्ची बस्ती नियमन के मापदंडों के आधार पर भी इनका नियमन नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए सर्वे की एक नई कवायद शुरू की गई है।
नगर विकास न्यास ने हालांकि काम शुरू कर दिया है लेकिन अभी तक सारी स्थितियां सामने नहीं आई है। जानकारों का कहना है कि कृषि भूमि पर बसी हुई आबादियां सघन हैं और अभी तक सर्वे के मापदंडों में सिर्फ मकान की बनावट और संपूर्ण क्षेत्र के सामान्य ले-आउट के आधार पर रिपोर्ट की जानी है। इस आधार पर ही सरकार के पास रिपोर्ट जाएगी और अगर आबादी क्षेत्र न्यास के किसी प्लान एरिया में नहीं हुआ तो लोगों को रहने का अधिकार देने में कोई परेशानी भी नहीं होगी।
आबादियां हैं कई
बीकानेर में इकरारनामे या ऐसे ही किसी आधार पर जमीन खरीदकर रहने लगे लोगों की संख्या कम नहीं है। शहर के आसपास ऐसी सघन आबादियां मिल जाएंगी लेकिन यहां रहने वाले लोगों के पास अपने मकान का कब्जा नहीं है। हालांकि ये लोग यहां 20-30 साल से रह रहे हैं और बिजली-पानी के कनेक्शन भी ले रखें हैं लेकिन अधिकार नहीं होने की वजह से आशंका से भी भरे रहते हैं।
हाल ही में मोहता सराय क्षेत्र में बसी आबादी का भी यही दुख है और इस वजह से लोग धरने पर भी बैठे हैं। हालांकि न्यास ने 30 बीघा आबादी क्षेत्र में फिलहाल किसी तरह की कारवाई नहीं करने की बात कही है और आबादी क्षेत्र के लोगों के संबंध में सरकार से निर्देश भी मांगे हैं। लेकिन यहां बसे लोगों का कहना है कि उन्हें रहने का पक्का अधिकार चाहिए। जयपुर रोड पर भी ऐसी आबादियां बसी हुई हैं। यहां रहने वालो का कहना है कि नगर विकास न्यास चाहे तो पूरे पैसे जमा करवा ले लेकिन रहने का अधिकार भी मिलना चाहिए।