बीकानेर. जिले में बजरी-कंकर के रायल्टी ठेके नहीं होने के कारण नाकों पर तैनात खान विभाग के कर्मचारियों के लिए वसूली का काम ‘जी का जंजाल’ बन गया है। बीकानेर, नोखा, लूणकरणसर व कोलायत तहसीलों में रायल्टी ठेके नहीं होने के कारण खान एवं भूविज्ञान विभाग ने नाकों पर अपने कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। सात नाकों पर मात्र 15 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं जिनमें से भी सात नागौर से बुलाए गए हैं।
बीकानेर जिले में रोजाना बजरी-कंकर की सैकड़ों गाड़ियां का निर्गमन होता है जिन पर नजर रखकर रायल्टी वसूली करना इन कर्मचारियों के ‘टेडी खीर’ साबित हो रहा है। सात नाकों पर 15 कर्मचारियों को 24 घंटे बारी-बारी से ड्यूटी कर रायल्टी वसूलने के लिए कहा गया है।
कर्मचारी परेशान हैं, विभाग को रायल्टी का नुकसान हो रहा है और बजरी-कंकर का खनन, निर्गमन करने वाले मजे में हैं। खान विभाग के अधिकारियों के अनुसार बीकानेर, नोखा व लूणकरणसर तहसीलों में रायल्टी वसूली का एक ही ठेका होगा। इन तहसीलों के साथ ही कोलायत तहसील व दुलमेरा में भी रायल्टी वसूली का ठेके देने के लिए टेंडर किए जा रहे हैं लेकिन इस प्रक्रिया के बावजूद ठेके स्वीकृत होने में करीब एक माह का समय लगेगा। इस दौरान नाकों पर कर्मचारी ही रायल्टी की वसूली करेंगे। प्रत्येक गाड़ी पर नजर रखकर रायल्टी वसूलना 15 कर्मचारियों के बूते की बात नहीं है। इस कारण विभाग को एक माह में लाखों रुपए की रायल्टी का नुकसान होगा।
निदेशालय से रायल्टी वसूली के ठेकों करने के निर्देश मिल गए हैं। टेंडर किए जा रहे हैं। जब तक ठेके नहीं होंगे तब तक नाकों पर विभागीय कर्मचारी ही रायल्टी वसूली करेंगे। अधिकारी भी चैकिंग करेंगे।
- गायड़सिंह इन्दा, खनि अभियंता
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