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किसी और की सजा तो नहीं मिली सरबजीत को!

चंडीगढ़/ अमृतसर‘पाकिस्तान में सजा-ए-मौत पाए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह का मामला मिस्टेकेन आइडेंटिटी (किसी को किसी और की सजा) का भी हो सकता है।’ चंडीगढ़ प्रेस क्लब में शुक्रवार को पाक के पूर्व कार्यवाहक मानवाधिकार मंत्री और यूनाइटिड नेशंस ह्यूमन राईट्स काउंसिल एडवाइजरी कमेटी के मेंबर अंसार बर्नी ने यह बात कही।

पंजाब ह्यूमन राईट्स कमीशन के चेयरमैन व अन्य सदस्यों से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने कहा, सरबजीत के मामले में ऐसा कुछ भी हो सकता है।

बर्नी के नेतृत्व में आए पाक शिष्टमंडल ने राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस आर.एस. मोंगिया से मुलाकात कर पंजाब व पाक में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श भी किया।

बर्नी का कहना था कि जब पाकिस्तान में सरबजीत पर मुकद्मा चल रहा था तो गवाह ने कोर्ट के सामने उसे पहचान कर इस बात की पुष्टि की थी कि वही बम धमाकों का प्राइम सस्पेक्ट है। बाद में उस गवाह ने दबाव में बयान देने की बात कही थी, इसलिए वे उससे मिल कर सच्चई जानने की कोशिश करेंगे।

संदेह हुआ घटेगी सजा :

मैं पाकिस्तान जाकर पहले इस मामले की पूरी तरह से जांच करूंगा, इसके बाद मैं मानवाधिकार के पहलू को दिमाग में रखते हुए आगे बढ़ूंगा, अगर मामले में कहीं कुछ संदेह हुआ तो उसकी मौत की सजा अवश्य कम हो जाएगी। वे इस मामले को पाकिस्तान की नई सरकार के सामने उठाएंगे। वे इस मामले को यूएन में उठा सकते हैं।

उन्होंने कहा, वे ऐसा तभी कर सकते हैं, जब सरबजीत के परिजनों द्वारा दिए गए सबूतों पर उन्हें यकीन हो जाए।

पंजाब में 49 पाक कैदी

बर्नी के मुताबिक, पंजाब की जेलों में बंद 49 पाकिस्तानी कैदियों की वतन वापसी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इनकी रिहाई के लिए बादल सरकार केंद्र के सामने प्रस्ताव रखेगी।

पाक में 600 भारतीय कैदी

एक सवाल के जवाब में बर्नी ने कहा, पाक में 600 भारतीय कैदी हैं, इनमें कुछ मछुवारे भी हैं। इन मछुवारों के विषय में कुछ किए जाने की जरूरत है, क्योंकि वे जानबूझ कर नहीं बल्कि भटक कर दूसरी तरफ चले गए थे।

दुआओं के उठेंगे लाखों हाथ

इस बीच, अमृतसर से मिली खबर के अनुसार सरबजीत की रिहाई की दुआ करने के लिए जल्द ही भारत समेत कई देशों में लाखों हाथ एक ही दिन उठेंगे। यह जानकारी सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने दी है। इस कार्यक्रम की तारीख तय होना फिलहाल बाकी है।

एफआईआर की सत्यता जानेंगे

सरबजीत के परिजनों ने कुछ प्रमाण दिए हैं, जिनमें सीडी और एफआईआर की कॉपी शामिल है। एफआईआर को सत्यता जानने के लिए पंजाब सरकार को भेजा गया है। यदि वह सही पाई गई तो सरबजीत को छुड़ाने के लिए उनके हाथ और मजबूत हो जाएंगे।





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