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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) ने संचालक मंडल के सदस्य के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक बजाज का फार्म रिजेक्ट कर दिया। इससे मार्कफेड की राजनीति गरमा गई है। बताते हैं कि एक वर्ग इस मामले को दबाने की कोशिश में लगा था, लेकिन सोसाइटी ही डिफाल्टर हो गई इसलिए कोई कुछ कर नहीं सका।
मार्कफेड में 442 सोसाइटियां हैं। राज्य स्तर पर संचालक मंडल के लिए 16 जिला प्रतिनिधि और दो अन्य सदस्य चुने जाते हैं। जिले की सोसाइटियां एक प्रतिनिधि चुनकर भेजती हैं। गुरुवार को नाम वापसी की अंतिम तारीख थी। इसमें नौ सदस्य निर्विरोध चुने गए। तीन जगह बिलासपुर, दंतेवाड़ा व अन्य से फार्म रिजेक्ट हो गए। रायपुर जिले के फार्म भी निरस्त हुए, लेकिन बताते हैं कि कुछ अफसरों ने इसे छिपा लिया। इस सीट से निर्विरोध स्थिति न बने, इसलिए बचे एकमात्र उम्मीदवार का नाम भी वापस करा दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि अभनपुर सोसाइटी से अशोक बजाज ने नामांकन दाखिल किया था। सोसाइटी डिफाल्टर होने की वजह से उनका नामांकन रद्द किया गया। बताते हैं कि उनकी सोसाइटी ने 1985 में कर्ज लिया था।
जिसका ब्याज और मूल बढ़कर सवा करोड़ रुपए से अधिक हो गया। मार्कफेड ने इसकी जानकारी मंगाई। जिसके बाद अभनपुर सोसाइटी को डिफाल्टर घोषित कर चुनाव कार्य से अलग कर दिया। इसकी सूची मार्कफेड के दफ्तर में भी चस्पा किया गया है। जिसमें अभनपुर सोसाइटी को डिफाल्टर दर्शाया गया है।
मार्कफेड की इच्छा नहीं : बजाज
श्री बजाज का कहना है कि उन्होंने आवेदन तो लिया था लेकिन जमा नहीं किया। हो सकता है उनके समर्थकों ने आवेदन जमा कर दिया हो। इसकी जानकारी उन्हें नहीं। वे कहते हैं कि मार्कफेड में नहीं जाना चाहते।
निर्विरोध निर्वाचित
संचालक मंडल के लिए नौ सदस्य निर्वाचित हुआ हैं। इसमें वर्तमान अध्यक्ष राधाकृष्ण प्रसाद गुप्ता भी शामिल हैं। वे नवापारा खुर्द (सरगुजा) से निर्विरोध चुने गए हैं। इनके अलावा कांकेर से गज्जु राम पोटाई, धमतरी से दयाराम साहू, दुर्ग से बिजे राम धनकर, राजनांदगांव से आजूराम भारती, जशपुर से डिलेश्वर यादव, जांजगीर से राणा अरुण कुमार सिंह, कोरबा से देंवेंद्र कुमार पांडेय और कोरिया के कृष्ण बिहारी जायसवाल निर्विरोध निर्वाचित हुए।