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छत्तीसगढ़ बना कैथोलिक रीजन

रायपुर. r सेंट जोसफ चर्च में गरिमामयी समारोह में छत्तीसगढ़ ने नए कैथोलिक रीजन का दर्जा हासिल कर लिया। चर्च में सुबह से मेले सा माहौल था। नियत समय पर आदिवासी नृत्य पर प्रभु यीशु की महिमा का भजन गाते हुए भक्तियात्रा ने प्रवेश किया। आदिवासी वेशभूषा में मांदर की थाप पर थिरकतीं महिलाएं सिर पर फूलों से सजा मटके धरे हुए थीं।

प्रशिक्षु ब्रदर्स रंगीन और वरिष्ठ धर्मगुरु चमकीले गाउन और स्क्रोल धारण किए चल रहे थे। कार्डिनल श्री टोप्पो, आर्च बिशप डा. जोसफ आगस्टिन, जगदलपुर डायसिस के बिशप साइमन स्टाक, रायगढ़ के बिशप पाल टोप्पो, अंबिकापुर के बिशप पतरस मिंज, विकर जनरल फादर आगस्टिन वी., मुख्य पल्ली पुरोहित फादर जान वी डेविड के नेतृत्व में भक्तियात्रा चर्च पहुंची। वहां विशेष मास की प्रार्थनासभा हुई। पेगासियुस क्वायर ने प्रार्थनासभा में भक्ति और धन्यवादी भजन प्रस्तुत किए।

नया रीजन भी : कार्डिनल

प्रार्थनासभा में कार्डिनल श्री टोप्पो ने आज के दिन को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि आप लोगों को नया राज्य, नई राजधानी मिली और अब नया रीजन भी मिल गया। यह ऐतिहासिक नहीं तो क्या है? यह कलीसिया के विकास का चिन्ह है। इसलिए पुलकित मन से प्रभु को धन्यवाद दें। अनुशासित ढंग से राज्य के विकास में मददगार बनें।

बिजली गुल, फिर भी बोले

प्रार्थना के दौरान बिजली गुल होने पर कार्डिनल ने परंपरागत स्थान आल्टर के सामने आकर श्रद्धालुओं को संबोधित किया, ताकि उनकी आवाज सब सुन सके। हालांकि स्थानीय लोग परेशान थे, लेकिन पर कार्डिनल ने कहा कि ऐसा होता रहता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्डिनल सहज बने रहे। वे बच्चों से बड़े प्यार से मिले और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते रहे।

जबर्दस्त आतिशबाजी

पवित्र मास के बाद वेडनेर हाल में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया किया गया। कर्मा नृत्य करते हुए कार्डिनल को कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। इस दौरान वे लोगों का अभिवादन करते और आशीर्वाद देते रहे। कार्यक्रम में जैसे ही उन्होंने छत्तीसगढ़ को 13 वें रीजन के रूप में दर्जा देने का ऐलान किया, हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और बाहर आतिशबाजी शुरू हो गई। कार्डिनल ने कहा कि अंग्रेजों ने ‘टाइम इज मनी’ का नारा दिया।

आज में इसे ‘टाइम इज लाइफ’ में बदल रहा हूं। उन्होंने टीवी सीरीयल केबीसी का उदाहरण देते हुए कहा कि आप का टाइम शुरू होता है अब। जीवन में बिताया समय ही स्वर्ग और नरक तय करता है। इसलिए छग रीजन के लिए अच्छे काम करें। आर्च बिशप डा. आगस्टिन को भी इसी के साथ मेट्रोपोलिटन की उपाधि मिल गई। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा कि प्रभु की महिमा के साथ नए रीजन को बुलंदी पर ले जाएं। कार्डिनल का चर्च पेरिश, कैथलिक कल्याण परिषद, पेगासियुस यूथ, लेडिस पेरिश आदि ने अभिनंदन किया। उन्हें स्मृतिचिन्ह और शाल भेट किए गए गए।

इस मौके पर छर की 5 डायसिसों में से चार बिशप मौजूद थे। जशपुर के बिशप विक्टर किंडो बीमार होने की वजह से नहीं आ सके। उनके लिए विशेष प्रार्थना की गई। कार्यक्रम का संचालन साजी लुकास ने किया। आभार एस टोप्पो ने किया। फादर जोबी के. चर्च पेरिश के एडवर्ड एक्का, एंथनी डैनेट, थामस रोनाल्ड, किशोर नाग, जोजी मैथ्यू, विनोद कुजूर मटिल्डा केरकेट्टा, फ्रांसिका तिग्गा आदि विशेष रूप से शामिल हुए।





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