Manoranjan
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विवेक शर्मा (‘भूतनाथ’ के डायरैक्टर) यह सब्जैक्ट लेकर मेरे पास आए थे। मुझे कहानी इतनी अच्छी लगी कि मैंने पहली ही सिटिंग में फिल्म बनाने की मंजूरी दे दी। चूंकि यह कहानी विवेक ने ही लिखी है, मुझे लगा कि इसे वही बेहतर बनाएंगे। और उन्होंने मेरी अपेक्षाएं पूरी कर दी हैं।
कहानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन शुरू में डरावने भूत हैं, जिनके लंबे नाखून और डरावना चेहरा है। वह छोटे से बच्चे अमन के संपर्क में आते हैं। धीरे-धीरे होता यह है कि अमिताभ बच्चन उसमें अपने पोते की छवि देखने लगते हैं और अमन को उनमें अपने दादा जी नÊार आते हैं।
जूही चावला और शाहरुख ख़ान, अमन के माता-पिता की भूमिका में हैं। जब हमने स्क्रिप्ट फाइनल की, भूतनाथ के सैंट्रल कैरेक्टर के लिए हमें एक ही नाम सूझा- अमिताभ बच्चन। मैंने तुरंत अमित जी को फोन लगाया। उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी और अपना रोल भी पसंद किया, मगर वह नए डायरैक्टर विवेक को लेकर थोड़े आशंकित थे।
उन्होंने मुझसे कहा कि वह एक शर्त पर यह फिल्म करेंगे। शर्त यह कि शूटिंग के समय सैट पर मुझे भी मौजूद रहना होगा। लेकिन दो दिन की शूटिंग के बाद वह विवेक के काम से आश्वस्त हो गए। इस फिल्म के लिए अमित जी ने ख़ास मेहनत की है। मेहनत का अंदाज़ा आप इसी से लगा सकते हैं कि उन्हें शू¨टग से पहले हर रोज़ दो घंटे मेकअप के लिए देने पड़ते थे।
कहानी में अमिताभ बच्चन और बच्चे अमन की रिलेशनशिप हाईलाइट है। आप सोच रहे होंगे कि यह शायद बाल फिल्म है, मगर मेरे ़ख्याल से इसे फैमिली फिल्म कहना उचित होगा। इसमें कई तरह के रिश्ते हैं, एक्शन है, रोमांच है, कई गाने हैं। और कहानी में इमोशन तो इतनी है कि पहली बार सुनने पर मेरी भी आंखें नम हो गई थीं।मीडिया में चर्चा है कि काफ़ी समय से अमिताभ और शाहरुख़ के बीच शीतयुद्ध छिड़ा हुआ है। इतना कि एवॉर्ड समारोहों आदि में एक हाज़िर हो, तो दूसरा कन्नी काट जाता है। मुझसे पूछा जाता है कि ऐसे में मेरा इन दोनों से एक साथ काम कराने का अनुभव कैसा रहा? इस बात पर मेरा जवाब है कि दोनों के संबंध बहुत अच्छे हैं। हालांकि इन दोनों का साथ में कोई सीन नहीं है, फिर भी सैट पर दोनों का मिलना-जुलना होता ही था। ये दोनों मीडिया में चल रही चर्चाओं का ख़ूब मÊा लेते थे।
फिल्म की अधिकांश शूटिंग महबूब स्टूडियो में लगाए गए सैटों पर हुई है।
इसमें भूत के स्पैशल इफैक्ट्स पर काफ़ी समय, मेहनत और पैसा लगाया गया है। इसके स्पैशल इफैक्ट्स उसी कंपनी ‘पिक्स एंड ट्रिक्स’ ने दिए हैं, जिसने ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ के गांधी जी रचने सहित ढेर सारी फिल्मों में स्मणीय काम किया है। विशाल-शेखर ने फिल्म के संगीत में बेहिसाब मिठास तो घोली ही है, एक और कमाल किया है। उन्होंने अमिताभ बच्चन के अलावा इसमें जूही चावला से भी एक गाना गवाया है। - अरा