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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. पानी के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा बुलाई गई नगर निगम परिषद की बैठक बगैर सम्पूर्ण चर्चा के समाप्त किए जाने से नाराज विपक्ष के पार्षदों ने महापौर को पांच घंटे से ज्यादा समय तक दफ्तर में घेरे रखा। महापौर को दफ्तर से ससम्मान निकालने के लिए निगमायुक्त डा. पवन शर्मा समेत पुलिस बल भी बुलाया गया परंतु विपक्षी पार्षदों ने उनसे भी संघर्ष किया। बाद में महापौर ने खेद व्यक्त किया जिसके बाद विपक्षी पार्षदों ने घेराव समाप्त किया।ु
शुक्रवार को परिषद की बैठक कथित तौर पर नियम विरुद्ध तरीके से समाप्त किए जाने से विपक्ष के पार्षद नाराज हो गए। इन पार्षदों का कहना था कि महापौर पानी के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं इसलिए वे उन्हें महापौर कार्यालय से बाहर नहीं जाने देंगे।
नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र तोमर, केशव मांझी, सुधीर गुप्ता, शम्मी शर्मा, नरेन्द्र सिंह समेत 19 पाषर्द, जिनमें महिला पार्षद भी शामिल थीं, महापौर की कार के सामने धरने पर बैठक गए। करीब दो घंटे बाद महापौर धरने पर बैठे पार्षदों से मिलने अपने चेम्बर से बाहर आए।
महापौर ने कहा कि परिषद की बैठक में कुछ नियम विरुद्ध नहीं हुआ है, फिर भी यदि विपक्षी पार्षद पानी के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं तो शनिवार को दोपहर तीन बजे पानी की मानीटरिंग के लिए बुलाई गई समिति की बैठक में चर्चा की जा सकती है। धरने पर बैठे पार्षद महापौर के प्रस्ताव से सहमत नहीं हुए और उन्होंने तुरंत एक बैठक आयोजित कर चर्चा कराए जाने की बात कही। इस पर महापौर तैयार नहीं हुए और टकराव की स्थिति