अजमेर.
सेंट्रल जेल में शुक्रवार को तीन बंदियों ने बैरक में जेलर पर हमला कर दिया। बंदियों के सामान की चेकिंग के दौरान हुई वारदात से जेल में हड़कंप मच गया। सुरक्षा गार्ड की मदद से हमलावर बंदियों को काबू किया गया। बताया गया है कि घटना जेल में जातिगत आधार पर बंदियों में गुटबाजी का नतीजा है। जेल प्रशासन ने सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट महानिदेशक (जेल) को भेजी गई है। पुलिस के अनुसार लूट व जानलेवा हमले के मामले में विचाराधीन कैदी भिनाय निवासी राजू गुर्जर, हत्या के मामले में अभियुक्त जयकिशन और अनुराग के खिलाफ जेलर कर्मचंद मीणा की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार दोपहर बतौर एहतियात बैरिक में जेलर और अन्य कर्मचारी बंदियों के सामान की जांच कर रहे थे। जेल के हाइ सिक्यूरिटी जोन की बैरिक में बंद राजू गुर्जर, जयकिशन और अनुराग ने जांच कार्रवाई का विरोध किया। जेलर मीणा को उन्होंने बैरिक की जांच करने से रोका और हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी। इस पर मीणा की बंदियों से तकरार हो गई। इसी दौरान जय किशन ने मीणा की कनपटी पर थप्पड़ मार दिया और राजू गुर्जर के साथ अनुराग ने पाइप का टुकड़ा और लोहे के कप के हैंडल को तोड़ कर बनाए धारदार हथियार से जेलर पर हमला कर दिया। वहां मौजूद अन्य बंदियों और जेल के सुरक्षा कर्मियों ने हमलावरों को काबू किया। जेल अधीक्षक प्रीता भार्गव ने सिविल लाइंस थाने में मामले की रिपोर्ट दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जेल में गुर्जर-राजपूत गुट
जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी राजू गुर्जर और कुख्यात डकैत धनसिंह ने जेल में जातिगत आधार पर बंदियों को लामबंद कर रखा है। दोनों के बीच जेल में कई बार तकरार और हाथापाई की नौबत आ चुकी है। इसी वजह से दोनों को अलग-अलग बैरिक में रखा गया था। राजू गुर्जर ने अनुराग, जयकिशन और कुछ अन्य बंदियों को अपने गुट में शामिल कर लिया था। ये लोग पहले भी सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट व जेल कर्मियों को धमकिया दे चुके हैं। शुक्रवार को जेलर के साथ मारपीट कर बंदियों ने दुस्साहस किया।
गोली मारने की धमकी :
जेल अधीक्षक ने बताया कि राजू गुर्जर और उसके साथियों ने दस दिन पहले जेलर कर्मचंद मीणा को गोली मारने की धमकी दी थी। मामले की जानकारी एसपी आनंद श्रीवास्तव और कलेक्टर को दी गई थी। डीजी जेल को भी इस बारे में अवगत कराया गया था।