मुम्बई. बैकों ने साफ कह दिया है कि आऱबीआई की सहमति के बिना ब्याज का दृढ़ीकरण मामले में कोई कदम नहीं उठाएगें। बैंको ने कहा है कि उन्हें ब्याज दर में किसी भी तरह का परिवर्तन लाने के पहले रिजर्व बैंक से संकेत मिलना आवश्यक है।
बैंकों ने कहा कि इस बार मंहगाई दर पर रोक लगाने के लिए बैंकों को नहीं बल्कि सरकार को आवश्यक कदम उठाने पड़ेगे क्योकि मंहगाई दर प्रमुख रुप से खाने-पीने की वस्तुओं और धातु के दामों में बढ़ोत्तरी के कारण हुई है।
गौरतलब है कि 22 मार्च को सप्ताह समाप्ति पर थोक मूल्य पर आधारित सूचकांक पिछले तीन सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए 7 फीसदी पर पहुंच गया है।
पंजाब नेशनल बैंक के निदेशक के.सी चक्रवूती ने कहा कि मंहगाई दर का बैंको पर तुरंत असर नहीं पड़ेगा। हम जल्दीबाजी में कोई निर्णय नहीं करना चाहते। ब्याज दरों में किसी तरह के परिवर्तन के पहले हम आरबीआई के संकेतों का इतंजार करेगें।