श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर और राज्य की बाहरी जेलों में बंद कैदियों के साथ कुव्यवहार को ले अलगाववादियों की हड़ताल के कारण कश्मीर घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर रहा और दुकानें एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
एक दिवसीय बंद को कश्मीर बार असोसिएशन समेत कई संगठनों ने समर्थन दिया। छात्रों और टीचरों के अनुपस्थित रहने के कारण शैक्षणिक संस्थाओं में भी वीरानी छाई रही। सैयद अली शाह गिलानी की पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस द्वारा बंद के आयोजन पर घाटी में सभी दुकानें और व्यापारिक संस्थान बंद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यालयों और अर्ध-सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम ही रही। बंद के कारण सरकारी, अर्द्ध सरकारी कार्यालयों और बैंकों में भी कामकाज ठप रहा।
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का आरोप है कि जेलों और पूछताछ केंद्रों में बंदियों को मूलभूत सुविधाए तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।