इंदौर. प्रदेश में चार सौ से ज्यादा तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने पार्टटाइम पढ़ाई कर डिप्लोमा प्राप्त किया है। इनमें से दो सौ कर्मियों को इंजीनियर पद पर पदोन्नत किया जाएगा।
विद्युत मंडल के इस निर्णय से 16 साल पुरानी मांग पूरी हो गई है। इसकी प्रक्रिया 15 मई के बाद शुरू हो जाएगी। म.प्र. विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ के प्रांतीय महासचिव जी.के. वैष्णव ने बताया बोर्ड मुख्यालय से इस आशय का फैक्स मिल गया है।
लाइनमैन, हेल्पर, ऑपरेटर, क्लर्क सहित तृतीय व चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी काम के अतिरिक्त पढ़ाई करते हैं। पत्रोपाधि अभियंता संघ द्वारा लगातार कहा जा रहा था प्रदेश में करीब सात सौ जेई के पद रिक्त हैं।
राज्य में 1242 बिजली वितरण केंद्र हैं जो केवल पांच सौ जेई के भरोसे हैं। पांच हजार उपभोक्ताओं पर एक जेई होना चाहिए। उपभोक्ताओं का सीधा संपर्क उन्हीं से होता है। अभाव के कारण एक-एक जेई के पास तीन-तीन वितरण केंद्रों का काम है जिनमें 15 से 20 हजार उपभोक्ता होते हैं किंतु सभी जोन एरिया में जा नहीं पाते हैं।