इंदौर. विज्ञापन-एसएमएस अपील से छूट का लालच देकर करदाताओं को केश काउंटर्स तक लाने वाला निगम प्रशासन अप्रैल का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी करदाताओं को बिल तो दूर डिमांड नोट भी मुहैया नहीं करा पाया। ऐसे में करदाता बगैर कर जमा किए लौट रहे हैं। उनका कहना है बगैर बिल के टैक्स जमा करें तो कैसे? इस संबंध में निगम प्रशासन का दो टूक जवाब है बजट के बगैर बिल नहीं।
निगम बजट 2008-09 में हो रही ढीलपोल का असर अब केश काउंटर्स पर पड़ने लगा। प्रस्तावित बजट में टैक्स में उतार-चढ़ाव की आशंका के चलते निगम प्रशासन ने ७ अप्रैल तक न बिल जारी किए न डिमांड नोट। दूसरी ओर इनाम योजना के साथ महापौर डॉ.उमाशशि शर्मा द्वारा जारी विज्ञापन-एसएमएस अपील ने केश काउंटर्स पर करदाताओं की भीड़ बढ़ा दी। ऐसे में काम छोड़कर काउंटर पर खड़े रहे करदाताओं को हर दिन एक ही जवाब मिलता है कल आना।
इंद्रपुरी निवासी मोहनलाल दरयानी और मेघराज पेशवानी के अनुसार जोन के साथ मुख्यालय पर भी टैक्स और छूट की जानकारी नहीं है। पूछने पर टालमटौल होती है। विनयनगर के मनोहर दरयानी और तिलकनगर के तरुण महाजन के अनुसार डिमांड नोट और बिल दोनों नहीं मिल रहे हैं। कब मिलेंगे, निगमकर्मी जानकारी देने को तैयार नहीं।
रेसकोर्स रोड के मेहुल कश्यप, स्कीम- 71 के नवनीत शर्मा और कुशवाहनगर निवासी अवधेश मिश्रा के अनुसार छह दिन से चक्कर काट रहे हैं जानकारी नहीं मिली। निगमकर्मी कहते हैं बीते साल जो टैक्स जमा किया था उतना भर दो।सवाल छूट और इनाम का : संपत्तिकर पर 6.25 जलकर पर 6 और शिक्षा उपकर पर 60 फीसदी तक की छूट के साथ बंपर इनाम के लिए करदाता द्वारा 31 अप्रैल तक अग्रिम भुगतान जरूरी।
जानकारी होगी तो देंगे
केश काउंटर्स पर बैठे निगमकर्मियों का कहना है 1 अप्रैल को डाउनलोड होने वाला डाटा छह दिन बाद भी कम्प्यूटर्स तक नहीं पहुंचा। जलकर तय है लेकिन संपत्तिकर के रेट जोन और छूट का प्रावधान अलग-अलग। ऐसे में बगैर नई जानकारी के बिल जारी करें तो कहां से?
बजट की मंजूरी के बगैर बिल नहीं
जब तक बजट नहीं आता तब तक नए बिल या डिमांड नोट जारी नहीं कर सकते। ऐसे में लोग उतना ही टैक्स जमा करें जितना 2007-08 में जमा किया था। ऐसे करदाता छूट और निगम की बंपर इनाम योजना के पात्र भी होंगे। बजट में आया अंतर बाद में एडजस्ट करेंगे। छूट का प्रावधान पूर्ववत है।
-नीरज मंडलोई, निगमायुक्त