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सफर महंगा न लगे

इंदौर. बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) में प्रस्तावित स्वचलित किराया संग्रहण (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन-एएफसी) और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देने की व्यवस्था (सिग्नल प्रायोरिटाइजेशन सिस्टम- एसपीएस) की तैयारी देखने वल्र्ड बैंक की पांच सदस्यीय टीम सोमवार में इंदौर आई।

उसने अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) के ऑफिस में बीआरटीएस पायलट कॉरिडोर, रिवर साइड कॉरिडोर, एएफसी और एसपीएस संबंधी प्रेजेंटेशन देखे। फिर कहा दोनों प्रोजेक्ट अच्छे हैं लेकिन कोशिश करना चाहिए जब बीआरटीएस शुरू हो तो यात्रियों को बसों का सफर महंगा न लगे।

इससे पहले एआईसीटीएसएल के कार्यकारी निदेशक कलेक्टर विवेक अग्रवाल और सीईओ चंद्रमौलि शुक्ल ने बताया बीआरटीएस पायलट कॉरिडोर प्रोजेक्ट 2009 तक पूरा होना है। एएफसी और एसपीएस इसकी महत्वपूर्ण कड़ी होंगे।

एएफसी सिस्टम की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस बना रही है। एसपीएस के तहत हम लोगों को निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।

टीम ने किए कई सवाल

टीम ने सिग्नल सिस्टम के मेंटेनेंस का सवाल उठाया तो कलेक्टर ने बताया टेंडर में ही शर्त होगी कि लगाने वाली कंपनी ही मेंटेनेंस करे। इसके लिए ट्रैफिक सर्वे का सवाल उठाया तो जवाब मिला डीपीआर बनाने का काम किसी कंपनी को सौंपा जा रहा है, जो एक महीना लेगी।

टीम ने एआईसीटीएसएल की आय के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्हें बताया गया इंदौर में कई ऑटो रिक्शा महाराष्ट्र और कर्नाटक के हैं जिनसे बहुत धुआं होता है। अब सभी में सीएनजी सिस्टम लगाने की तैयारी है। सीएनजी किट के लिए चालकों को 50 प्रतिशत सब्सिडी भी देंगे। आने वाले समय में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का हर वाहन गैस से चलेगा।

कलेक्टर ने संवाददाताओं को बताया वर्ल्ड बैंक की एजेंसी ग्लोबल एन्वायर्नमेंट फैसिलिटी (जेफ) की यह टीम प्रोजेक्ट समझने आई है। 44 करोड़ रुपए के दोनों प्रोजेक्ट में जेफ से 30 प्रतिशत राशि मिलना है जिसमें 60 प्रतिशत अनुदान और 40 प्रतिशत लोन होगा।

नगरसेवा चालकों को भी मौका

उन्होंने बताया बीआरटीएस में शामिल होने के लिए नगरसेवा चालकों को भी मौका देगी। इससे सिस्टम और बेहतरी से चल सकेगा। इसके बाद टीम एबी रोड बीआरटीएस कॉरिडोर, पीपल्यापाला रीजनल पार्क, प्रस्तावित सुपर कॉरिडोर और रिवर साइड कॉरिडोर देखने भी गई।

इन मुद्दों पर भीहुई बात

>> एआईसीटीएसएल ने वर्ल्ड बैंक के ग्रेहार्ड मैनकॉफ, का फैंग व अन्य प्रतिनिधियों से आग्रह किया बीआरटीएस शुरू होने के एक महीने पहले से एक महीने बाद तक विश्वस्तरीय कंसल्टेंट यहीं रहें, जो उन्होंने मान लिया।
>> बीआरटीएस की बस लेन पर चलने वाली 80 लाख लागत की (दो या तीन जुड़ी हुई) बसों की खरीदी के लिए स्थानीय ऑपरेटरों को फाइनेंस करने की मांग भी वर्ल्ड बैंक से की है।
>> वर्ल्ड बैंक बीआरटीएस शुरू होने से पहले और बाद में ‘यूजर सेटिस्फेक्शन सर्वे’ करेगा ताकि दोनों स्थितियों में जनता के अनुभव पता लगें।





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