मालवा. प्रदूषित हो रही नर्मदा को स्वच्छ करने के लिए गुड़ी पड़वा के शुभ मौके पर सोमवार को सैकड़ों हाथ एकसाथ उठे। नर्मदा समग्र न्यास की अगुवाई में खंडवा, खरगोन, बड़वानी व देवास जिलों में शाम चार से छह बजे तक नर्मदा की सफाई की गई। गंदगी निकाली गई और देखते ही देखते घाट साफ-सुथरे दिखाई देने लगे।
बड़वानी. जिले के राजघाट पर दो बार सफाई की गई। न्यास के सदस्यों के साथ कई लोगों ने सुबह आठ से 11 व शाम पांच से करीब साढ़े छह बजे तक चले अभियान में मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए। पहले चरण में सुबह गाद (कीचड़) को ट्रैक्टर की मदद से हटाया गया। शाम को किनारे पर पड़े कचरे को भी साफ किया गया।
खंडवा. ओंकारेश्वर में चक्रतीर्थ, नागर, गोमुख, कोटितीर्थ तथा ओंकार घाट पर गायत्री परिवार और आईएमए के सहयोग से सफाई की गई। नर्मदा समग्र न्यास के मनीष जोशी ने बताया पांचों घाटों से करीब दो क्विंटल गंदगी निकाली गई। पुनासा बांध से मंडलेश्वर तक 13 छोटे-मोटे घाट चिह्न्ति कर सफाई की गई। मोरटक्का के दो घाटों पर भी दर्जनों स्थानीय लोगों की मदद से नर्मदा की सफाई की गई।
खरगोन. मंडलेश्वर, टोकसर, बकावा तथा मरदाना घाट पर एक साथ साफ-सफाई की गई। न्यास के सदस्यों के साथ स्थानीय लोगों ने बड़-चढ़कर सफाई अभियान में भागीदारी की।
देवास. जिले के नागर घाट, सिद्धेश्वर और भैरव घाट पर लगभग 40-50 लोग ठीक चार बजे झाड़ू और गेती-फावड़े लेकर जमा हुए। तीनों घाटों की बारी-बारी से सफाई की। पॉलीथिन, पूजन सामग्री व बड़ी मात्रा में कपड़े निकले जिन्हें एक स्थान पर इकट्ठा किया गया। नेमावर के अलावा इसी समय निकट के कांजीपुरा, मंडलेश्वर, बागदी संगम तथा मेल घाट पर सफाई की गई। नेमावर क्षेत्र में अभियान की अगुवाई कर रहे भोपाल के अशोक राय ने बताया महीने के हर रविवार तथा अमावस्या व पूर्णिमा के दूसरे दिन नियमित तौर पर घाटों पर सफाई की जाएगी। घाटों की देखभाल के लिए स्थानीय लोगों को ही तैयार किया जा रहा है।
यह समस्या का हल नहीं -एनबीए
बड़वानी. सरकार समर्थित नर्मदा समग्र द्वारा नर्मदा के घाटों की सफाई व प्रदूषण रोकने के लिए आमजन को जागृत करने की बात बांधों के कारण होने वाले सामाजिक व पर्यावरणीय नुकसानों से ध्यान हटाने की साजिश का एक हिस्सा है। राजघाट में नर्मदा का प्रवाह रुकने से किनारों पर गाद जमा हो चुकी है व पानी भी पीने लायक नहीं है। यह बात नर्मदा बचाओ आंदोलन (एनबीए) के आशीष मंडलोई, भागीरथ भाई व गोपाल बाबा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कही।
उन्होंने कहा घाटों की सफाई करने से समस्या का सही निदान नहीं होगा बल्कि नर्मदा प्रवाह मुक्त करके ही उसे जिंदा रखने की जरूरत है। उन्होंने बताया घाट को साफ रखने का काम नवयुवकों द्वारा पिछले सात-आठ वर्षो से किया जा रहा है। सरदार सरोवर बांध के कारण जल प्रवाह रुकने से नर्मदा प्रदूषित हो चुकी है।