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Chhattisgarh
Raipur Raipur राजनांदगांव. बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा मानव सेवा जनकल्याण और विश्व शांति के लिए किए जा रहे भव्य सहस्त्र चंडी महायज्ञ एवं भगवान शिव द्वादश ज्योर्तिलिंग प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जगदगुरु रामानंदाचार्य हरियाचार्य ने कही। रात्रि में लगातार 72 घंटे गीत गाकर रिकार्ड बनाने वाली इंदौर की आकांक्षा जाचक ने भजन गीत गाकर श्रोताओं के मध्य समा बांधा।
मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुरी सुंदरी दश महाविद्या, शिव शक्ति, द्वादश ज्योर्तिलिंग सिद्घपीठ में प्रवचन व सांस्कृतिक, भक्तिगीत संध्या का विधिवत शुभारंभ जगदगुरु रामानंदाचार्य हरियाचार्य, बर्फानी दादा मां कनकेश्वरी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। बर्फानीदादा ने जगदगुरु का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर जगदगुरु रामानंदाचार्य हरियाचार्य ने कहा कि जिस प्रकार केकती कीचड़ में रहती है, लेकिन एक दिन भगवान के माथे में लगती है, ऐसे ही संत होते हैं अपने त्याग और बलिदान के द्वारा भगवान के पास पहुंच जाते हैं। गन्ना को जैसे काटा जाए, पीटा जाए, लेकिन संसार को माधुर्य पहुंचाता है। ऐसे ही संत का जीवन होता है, जो संसार को माधुर्य पहुंचाता है।
बर्फानी दादा के जीवन में माधुर्य है इसलिए उनकी कृपा जिस पर बरसती है, वह धन्य हो जाता है। जगदगुरु रामानंदाचार्य हरियाचार्य ने आगे कहा कि बर्फानी दादा ने जहां-जहां हाथ उठाया, वहां पर करोड़ों हाथ उनके साथ हो लिए। देवी की जब कृपा होती है, तब ही अवतार व अवतारी का जन्म होता है। इस अवसर पर आयोजन अध्यक्ष व मानस मर्मश्र मां कनकेश्वरी देवी ने कहा कि जब जगतगुरू के मुंह से दादाजी शब्द सुना तो आनंद की अनुभूति हुई। क्योंकि हमारे गुजरात में शंकर भगवान को शंकरदादा कहते हैं।
द्वादश ज्योर्तिलिंगों का अभिषेक
समस्त देवी-देवताओं के साथ ग्रह- नवग्रह, गौरी गणोश का पाठ, पूजन, अभिषेक, सहस्त्र चंडी महायज्ञ के तहत आचार्य उमाकांत त्रिपाठी संत लहरी के मंत्रोच्चर के मध्य किया गया। तत्पश्चात यज्ञवेदी के पांच कुंडों में यज्ञ आहुति डाली गई।
संध्या में सिद्घपीठ के तृतीय तल में बने भगवान शिव द्वादश ज्योर्तिलिंग एवं भगवान शिव की विशाल प्रतिमा का विशेष अभिषेक प्रारंभ हुआ। 8 अप्रैल को प्रात: से पाठ, पूजन, अभिषेक, हवन, संध्या में विभिन्न संतों के प्रवचन एवं रात्रि में सूरत गुजरात की डिंपल, दीप्ति एंड कला श्री ग्रुप की प्रस्तुति होंगी।
आस्था के ज्योत जले
डोंगरगढ़. मां बम्लेश्वरी के दोनों मंदिरों में सोमवार की शाम चैत्र नवरात्रि पर मनोकामना ज्योति जलाई गई। पहाड़ी स्थित मंदिर में 4601, नीचे मंदिर में 751 और शीतला मंदिर में 51 ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा नगर के दस अन्य मंदिरों में भी मनोकामना ज्योत जलाए गए हैं। इसके साथ ही यहां नवरात्रि मेला सोमवार को शुरू हो गया। इस बार चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पूर्व वर्षो की तुलना में कम दर्शनार्थी पहुंचे।
बालकदास का प्रवचन आज
डोंगरगढ़. ग्राम मक्काटोला स्थित पहाड़ावाली मां कारीपाठ मंदिर में आज 8 अप्रैल मंगलवार को शाम 6 बजे से संत बालकदास महाराज का सत्संग प्रवचन होगा। समिति के सचिव जीवन साहू ने बताया कि माता के ऊपर स्थित मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर्व के मद्देनजर यहां 71 ज्योति कलश प्रज्जवलित की गई है। ग्रामीणों से कार्यक्रम में अधिकाधिक उपस्थिति का आह्वान सरपंच नरेंद्र ठाकुर ने किया है।
रोप-वे फेल
डोंगरगढ़. ऊपर मंदिर तक पहुंचाने वाला उड़नखटोला टेक्नीकल फाल्ट आने के कारण रविवार को बंद कर देना पड़ा। बताया कि मंगलवार तक इस फाल्ट को दूर कर लिया जाएगा। नवरात्रि पर्व को देखते हुए एसडीएम के निर्देश पर कलकत्ता से बुलाए गए इंजीनियरों का दल दो दिनों से सुधार कार्य में लगा हुआ है। रोपवे संचालक अशरफ खान ने भास्कर को बताया कि रोपवे ट्राली के ऊपरी चक्के का एलायमेंट अचानक आऊट होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
एलायमेंट के सुधार किए बिना रोपवे चलाने से ट्राली के गिरने का खतरा बना रहता है। इसलिए इसका सुधार कार्य जारी है। दो दिनों से 24 घंटे इंजीनियर मेंटेंनेंस में लगे हुए हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन रोपवे पूर्णत: बंद करना पड़ा है। मंगलवार शाम तक सुधार होने की संभावना जताई जा रही है।
पूर्व में संधारण के नाम पर रोपवे बंद रखने के सवाल पर श्री अशरफ ने कहा कि संधारण किया गया था, मगर मशीन में गड़बड़ी अचानक हुई है। जनसुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक नगरी में पैसा कमाने के साथ-साथ दर्शनार्थियों की सुरक्षा पर ध्यान देना भी उनका कर्तव्य है। इसलिए दुर्घटना से बचने सुधार कार्यो पर ध्यान दिया जा रहा है।