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8 हजार से कम वेतन में चाहिए एमबीए

जयपुर. बिजली कंपनियों के अधिकतर काम भले ही ठेके पर कराए जा रहे हों, लेकिन कार्मिक और लेखाकार जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए एमबीए और आईसीडब्ल्यूए, डीसीडब्ल्यूए जैसी योग्यताधारियों की भर्ती हो रही है।

कंपनियों के अधिकारियों का दावा है कि बेहतर प्रबंधन और कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए ये भर्तियां की जा रही हैं। विद्युत उत्पादन निगम के लिए हो रही इस भर्ती में योग्यता तो उच्च मांगी गई है, लेकिन प्रारंभिक काल में वेतन 8 हजार रुपए भी नहीं दिया जाएगा। दो वर्ष बाद दिया जाने वाला वेतन भी डिग्रीधारी युवाओं को बड़ी कंपनियों से मिलने वाले पैकेज के मुकाबले बहुत कम होगा।

कितने होंगे पद

निगम में कार्मिक और सहायक कार्मिक अधिकारी पद के लिए 9 तथा लेखाकार व कनिष्ठ लेखाकार पद के लिए 30 पद रिक्त हैं। इनके लिए न्यूनतम योग्यता के साथ प्रबंध या औद्योगिक संबंध में स्नातकोत्तर या श्रम कल्याण एवं कार्मिक प्रबंध में पीजी डिप्लोमा की योग्यता चाही गई है। वहीं, कनिष्ठ अभियंताओं एवं कनिष्ठ रसायनज्ञ के पद के लिए 291 पद रिक्त बताए गए हैं। परिवीक्षा काल में कार्मिक अधिकारी को 7,950 तथा सहायक कार्मिक अधिकारी को 5,450 रुपए ही मिलेंगे।

ठेके पर काम

विद्युत कंपनियों में कई सारे काम ठेके पर कराए जा रहे हैं। उत्पादन निगम कंपनी के अधिकारियों के पास सिर्फ सुपरविजन का काम ही रह जाएगा। इस कंपनी में अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण काम, कोयले की सफाई, कोयले की राख के रखरखाव तथा श्रमिकों की आपूर्ति मय औजार एवं प्लांट का काम ठेके पर कराया जा रहा है। विद्युत वितरण कंपनियों में बिल बनाने, बिल बांटने, मीटर रीडिंग, मीटर टेस्टिंग, डिस्कनेक्शन और रीकनेक्शन, सर्विस कनेक्शन, उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करना और उनका निस्तारण कराना जैसे कार्य ठेके पर हो रहे हैं।

राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम में नए प्लांट तैयार हो रहे हैं। उनके लिए कार्मिक और लेखाकार जैसे पदों पर भर्ती की जा रही है। इन पदों के प्रावधान आरएसईबी के जमाने से ही थे। हाल ही इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति मिली है।
—आलोक शर्मा संयुक्त निदेशक, कार्मिक एवं प्रशासन

विद्युत कंपनियां लगातार नियमित कार्य ठेके पर करा रही हैं। उत्पादन के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण काम आउटसोर्सिंग से कराए जा रहे है। इससे नियमित कर्मचारियों का उपयोग ही नहीं हो रहा है। ऐसे में जब सारे काम बाहर से होते रहे तो बड़े पदों पर भर्ती का क्या औचित्य होगा।
—वेदप्रकाश शर्मा,महासचिव,राजस्थान बिजली वर्कर्स फेडरेशन (एटक)





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