जयपुर. शहर के चारों ओर 40 किलोमीटर तक के इलाके को रोड नेटवर्क से जोड़ने के लिए जेडीए 20 नए सेक्टर प्लान तैयार करेगा। ये सेक्टर प्लान संभवत: साल के अंत तक लागू होंगे और शहर की अगले 25 साल की जरूरतों को पूरा करेंगे। जेडीए की टाउन प्लानिंग शाखा ने सैटेलाइट इमेजिंग के जरिए सेक्टर प्लान का सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें मुख्यतया रोड नेटवर्क और जमीनों के मुख्य उपयोग तय कर नक्शों में यह दिखाया जाएगा कि कहां क्या बनना है और कौन सी सड़क किधर से गुजरनी है।
खसरा नंबर सुपर इंपोज होंगे
सेक्टर प्लान के लिए बनाए जाने वाले नक्शों में जमीन के राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार खसरा नंबर सुपर इंपोज किए जाएंगे। कुछ इलाकों में यह काम शुरू कर दिया गया है। ऐसा करने से प्रस्तावित सड़क की पोजिशन पता चल सकेगी और जमीन को अतिक्रमण से बचाया जा सकेगा। इसके साथ ही जेडीए की ओर से कराए जा रहे सर्वे में प्रस्तावित सेक्टर प्लान में सभी जोनों से महत्वपूर्ण सूचनाएं भी शामिल की जाएंगी। इनमें सरकारी भूमि, 90-बी हो चुकी जमीनें, अप्रूव्ड स्कीमें, पहाड़ियां, नदी-नाले आदि शामिल होंगे। इन सूचनाओं के आधार पर सेक्टर सड़कों की दिशा तय होगी।
अब तक 55 तैयार, लागू सिर्फ 36
टाउन प्लानिंग शाखा अब तक 55 सेक्टर प्लान तैयार कर चुकी है, लेकिन इंजीनियरिंग शाखा अभी तक केवल 36 प्लान ही लागू कर पाई है। खो नागोरियान, कालवाड़ रोड, सीकर रोड व सांगानेर के दक्षिणी हिस्से में अब भी रोड नेटवर्क नहीं बन पाया है, जबकि कागजों में सेक्टर प्लान तैयार है। जेडीए के डायरेक्टर (टाउनप्लानिंग) एस.महागांवकर का कहना है कि 55 सेक्टर प्लान के नक्शे तैयार हो चुके हैं और अब इनकी संख्या 75 तक ले जाने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
इन इलाकों के बनेंगे सेक्टर प्लान
रिंग रोड का बाहरी क्षेत्र, सेज, स्पोर्ट्स सिटी के आसपास, जामडोली, बगरू के आसपास और कालवाड़ रोड। नए सेक्टर प्लान में रोड नेटवर्क के अलावा विश्वविद्यालय, बड़े स्टेडियम, सिटी लेवल पार्क आदि के लिए जमीनें चिह्न्ति की जाएंगी। जेडीए के डायरेक्टर (इंजीनियरिंग) एस.सी.सोनी के अनुसार इस साल जेडीए का पूरा जोर रोड नेटवर्क पर है। जिन सेक्टरों के प्लान तैयार कर लिए गए हैं, उनको लागू करने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रस्तावित सड़कों के बीच में आ रही निजी खातेदारी की जमीनों की अवाप्ति की कार्रवाई जोन स्तर पर होगी।