जयपुर. पिछले सप्ताह मौसम की गड़बड़ी से राज्य में फल-सब्जियों की पैदावार 20 फीसदी तक घटने का अंदेशा है। सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और फल आम आदमी की पहुंच से दूर हो रहे हैं।
उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौसम की मार से रबी के अंतिम दौर में चल रही मटर, टमाटर, बैंगन, भिंडी सहित विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा जायद की फसल के पहले दौर में बोई गई फसलें भी नष्ट हुई हैं।
कहां-कहां हुआ नुकसान : जयपुर, अलवर, दौसा सहित जयपुर एवं अजमेर संभाग के जिलों में सब्जियों को ज्यादा नुकसान हुआ है। इनके अलावा अलवर, दौसा, भरतपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर आदि जिलों में आंधी से आम के छोटे कच्चे फल गिरने से भारी क्षति हुई है।
किस सब्जी की कितनी बुवाई : इस बार राज्य में रबी के दौरान 96 हजार 913 हेक्टेयर में सब्जियों की बुवाई हुई। सबसे ज्यादा 24 हजार 598 हेक्टेयर में प्याज की बुवाई हुई है। इसके अलावा 9 हजार 26 हेक्टेयर में टमाटर, 3 हजार 788 हेक्टेयर में बैंगन, 306 हेक्टेयर में भिंडी, 35 हजार 235 हेक्टेयर में मूली, 7 हजार 313 हेक्टेयर में गोभी और 16 हजार 107 हेक्टेयर में मटर की बुवाई हुई। 20 हजार 888 हेक्टेयर में आलू, 1 हजार 953 हेक्टेयर में पालक की बुवाई हुई।
आसमान छूने लगे भाव
राजस्थान फल-सब्जी आलू थोक विक्रेता महासंघ के अध्यक्ष राधेश्याम फाटक का कहना है कि ओलों, बारिश व आंधी के कारण फल-सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंचने लगे हैं। एक सप्ताह में ही फल-सब्जियों में 20 से 30 फीसदी तक की तेजी आ गई है। पैदावार कमजोर रहने से गर्मियों में भाव और तेज होने की आशंका है। फाटक के अनुसार पाले व शीतलहर से राज्य में मटर उत्पादकों को करीब 40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा मटर जयपुर संभाग में होती है। सीजन में जयपुर से सौ से ज्यादा ट्रक मटर मुंबई जाती थी, लेकिन इस बार दस-बारह ट्रक ही गए।
ईसबगोल, जीरा व धनिया में भी नुकसान
खराब मौसम के कारण ये फसलें 25 से 40 फीसदी तक खराब हो गई हैं। इस बार राज्य में 1 लाख 19 हजार 372 हेक्टेयर में ईसबगोल, 1 लाख 48 हजार 442 हेक्टेयर धनिया और 2 लाख 31 हजार 790 हेक्टेयर में जीरे की बुवाई की गई। तीनों फसलों को भी नुकसान हुआ है।