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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. दसवीं-बाहरवीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन ढीला हो चला है। तीन अप्रैल से शहर के दो केंद्रों में प्रारंभ हुए मूल्यांकन कार्य में सोमवार को शिक्षकों की संख्या निर्धारित से करीब तीन सौ कम रही।
अधिकारियों ने शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा समाप्त होने के बाद अब इसमें तेजी आने की बात कही है। बहुद्देशीय स्कूल एवं कन्याशाला सरकंडा में हो रहे बोर्ड उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य ने अब तक गति नहीं पकड़ी है।
मूल्यांकन में कन्याशाला सरकंडा में जहां 475 शिक्षकों की डच्यूटी लगाई गई है, वहीं बहुद्देशीय स्कूल के लिए 536 शिक्षकों की सूची भेजी गई है। इसके विपरीत सोमवार को कन्याशाला में 133 शिक्षक नदारद थे। इसी तरह बहुद्देशीय स्कूल में भी कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए।
बहुद्देशीय स्कूल में मूल्यांकनकर्ता वहां की व्यवस्था से परेशान हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक जांचकर्ता ने बताया कि यहां जांच के दौरान पानी पिलाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे पानी पीने के लिए काम छोड़कर बाहर निकलना पड़ता है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि वे सुबह से ही मूल्यांकन के लिए कक्ष में प्रवेश कर जाते हैं, जिन्हें मूल्यांकन के बाद सीधे शाम को बाहर निकलने दिया जाता है। ऐसी स्थिति में उनके चाय-नाश्ते के लिए अस्थायी कैंटीन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कैंटीन नहीं होने के कारण उन्हें भूखे-प्यासे ही कापियां जांचनी पड़ती हैं। कन्याशाला में सोमवार शाम तक करीब दस हजार कापियों का मूल्यांकन किया गया है, लेकिन बहुद्देशीय स्कूल में मूल्यांकन की गई कापियों की जानकारी नहीं मिल सकी।