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मुकंदरा हिल्स से हटेंगे तीन गांव

कोटा. hillsदरा क्षेत्र के मुकंदरा हिल्स नेशनल पार्क में स्थित तीन गांवों को हटाने की प्रक्रिया के तहत किया जा रहा सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे की इसकी रिपोर्ट शीघ्र ही जिला प्रशासन व वन विभाग को सौपी जाएगी। अब तीनों गांवों लक्ष्मीपुरा, खड़ली व रूपपुरा को पार्क से हटाया जाएगा। उधर, ग्रामीण भी विस्थापन से सहमत हैं। उनकी नजर अब मुआवजे पर है।

सर्वे में सामने आया है कि तीनों गांवों में से लक्ष्मीपुरा व खड़ली बावड़ी गांवों में करीब 70 परिवार रहते हैं, जबकि रूपपुरा गांव में कोई आबादी नहीं है। यहां सिर्फ खेती की जमीन है। कोलीपुरा के कुछ लोग यहां खेती करते हैं।

खेड़ली बावड़ी, रूपपुरा व लक्ष्मीपुरा के संपत्ति मूल्याकंन के तहत गांवों की संपत्ति की सूची बनाने का कार्य अंतिम दौर में है। अभी कुछ जमीनों की पैमाइश होनी शेष है। कच्चे-पक्के मकानों का सर्वे पूरा हो चुका है। यह कार्य सहायक वन संरक्षक राकेश शर्मा, लाड़पुरा तहसीलदार जगदीश नारायण व रेंजर की संयुक्त समिति कर रही है।

उचित मुआवजे पर ही छोड़ेंगे गांव : लक्ष्मीपुरा व खड़ली बावड़ी गांव भंवरिया पंचायत में आते हैं। पंचायत के सरपंच अहमद अली खान ने कहा है कि सरकार की ओर से ग्रामीणों को विस्थापित करने के लिए 3 जगह के प्रस्ताव दिए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को दस लाख रुपए का प्रस्ताव भी सुझाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि उचित मुआवजा मिला तो ही ग्रामीण हटेंगे। वे भी चाहते हैं कि नेशनल पार्क बने और क्षेत्र में रोजगार के साधन बढ़ें।

समिति तय करेगी मुआवजा : उपवन संरक्षक अनिल कपूर ने बताया कि केंद्र सरकार ने विस्थापित होने वाले परिवारों की सम्पत्ति स्थापन का अनुमोदन कर दिया है। मुआवजा राशि का पैकेज निर्धारण करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। समिति में गांव के मुखिया को भी शामिल किया जाएगा। समिति ही प्रत्येक व्यक्ति की संपत्ति ब्यौरे के हिसाब से भुगतान करेगी।

तीन में से दो गांवों में करीब 70 परिवारों की आबादी है, जबकि करीब 27 हेक्टेयर भूमि पर खेती हो रही है। 3 अप्रैल को तहसीलदार के साथ अंतिम बार सर्वे किया गया। -राकेश शर्मा, सहायक वन संरक्षक





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