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गेहूं पर और बोनस नहीं

चंडीगढ़पंजाब-हरियाणा के किसानों को गेहूं के एमएसपी (समर्थन मूल्य) पर केंद्र से बोनस मिलने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। दोनों राज्यों को गेहूं के एमएसपी (1000 रु.) पर बोनस देने से केंद्रीय कृषि, खाद्य आपूर्ति मंत्री शरद पवार ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि एमएसपी में बोनस पहले से ही शामिल है।

59 फीसदी बढ़ाया एमएसपी

पवार दोनों राज्यों में गेहूं खरीद का जायजा लेने के लिए सोमवार को चंडीगढ़ में थे। पवार ने कहा कि वैसे वे दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की इस मांग को पीएम के सामने रखेंगे। अन्य दलों से मिलकर ही इस पर कोई फैसला हो सकेगा। पवार ने दावा किया कि यूपीए सरकार ने चार सालों में एमएसपी में 59 फीसदी वृद्धि की है जबकि एनडीए ने पांच सालों में केवल 14 फीसदी की वृद्धि ही की थी।

पवार ने कहा, निजी कंपनियों के पंजाब-हरियाणा से गेहूं खरीदने पर सरकार ने पाबंदी नहीं लगाई है केवल उन्हें गेहूं खरीद की जानकारी देने को कहा गया है क्योंकि ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कई कंपनियां टैक्स बचाने के लिए सीधे किसानों से खरीद कर रही हैं। यह प्रदेश सरकारों के हित में नहीं है।

आढ़ती कर्ज पर बनाएं कानून

पवार ने आढ़तियों के चंगुल में फंसे किसानों के कर्ज के बारे में कहा कि राज्य सरकारें इन्हें कानून के दायरे में लाने में सक्षम हैं। राष्ट्रीय व को-ऑपरेटिव बैंकों के किसानों पर ओवर ड्यू कर्ज की माफी देकर केंद्र सरकार ने ठोस कदम उठाया है। भविष्य में आढ़तियों के कर्ज पर भी विचार होगा।

आयात के खिलाफ नहीं

खाद्य सामग्रियों की कीमतों में वृद्धि पर चौतरफा चिंताओं के बीच शरद पवार ने सोमवार को कहा कि सरकार गेहूं के आयात के विरुद्ध नहीं है और जरूरत पड़ने पर इस दिशा में फैसला लिया जा सकता है। पवार ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर गेहूं की एक निश्चित कीमत रखने की बात पर कहा कि इसका फैसला राज्यों पर छोड़ा गया है। दोनों राज्यों में गेहूं उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कृषि योजना और फूड सिक्योरिटी मिशन नामक योजनाएं चलाई गई हैं। खाद की कमी से निपटने के लिए इसका आयात किया जाएगा।

नुकसान की होगी गिरदावरी

पवार ने कहा कि हाल ही में पंजाब और हरियाणा में बेमौसमी बरसात से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया जाएगा। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा गया है कि वे नुकसान संबंधी रिपोर्ट जल्द भेजें। शरद पवार ने बादल को भरोसा दिलाया कि राजस्थान कैनाल के कारण होने वाली सीपेज से मुक्तसर और अबोहर की कपास पट्टी को नुकसान से बचाने के लिए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें जल संसाधन विभाग मंत्री भी शामिल होंगे।

पवार ने बादल और हुडा से मांगी मदद पवार ने बादल व हुड्डा से दोनों राज्यों के किसानों को एफसीआई को खाद्यान्न बेचने के लिए रजामंद करने की गुजारिश की। बंद कमरे में हुई बैठक में पवार ने दोनों मुख्यमंत्रियों से खाद्यान्न जुटाने की प्रक्रिया में मदद करने को कहा।

किसान नहीं है तैयार

पवार चाहते हैं कि दोनों राज्यों के किसान 1000 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अनाज एफसीआई को बेचने के लिए राजी हो जाएं। तमाम किसान संगठनों ने इतने कम मूल्य पर अनाज बेचने से इनकार कर दिया है। संगठनों की मांग है कि उनसे 1,720 रु. के एमएसपी पर अनाज खरीदा जाए।

कैसे पूरा होगा लक्ष्य!

केंद्र द्वारा रखा गया 140 लाख टन अनाज भंडारण का लक्ष्य जिसमें पंजाब से 80 लाख टन,





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