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अब कॉलेजों में सेमेस्टर

चंडीगढ़हरियाणा में स्कूलों में सेमेस्टर प्रणाली को सफलतापूर्वक शुरू किए जाने के बाद अब कॉलेजों में भी सेमेस्टर प्रणाली शुरू किए जाने की योजना है। राज्य सरकार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान उच्चतर शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए 565 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।

इसमें 111 करोड़ रुपए की राशि 40 राजकीय महाविद्यालय खोले जाने के लिए है ताकि प्रदेश में उच्चतर शिक्षा को नया रूप दिया जा सके। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को नई दिल्ली में ‘डॉ. सरूप सिंह : 11वीं योजना में उच्चतर शिक्षा’ पर चौथे मेमोरियल लैक्चर में यह जानकारी दी।

नए कोर्स होंगे शुरू

हुड्डा ने कहा कि प्रबंधन, वैज्ञानिक, व्यावसायिक तथा कला के क्षेत्र के साथ-साथ अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। कॉलेज विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य की गई है तथा विश्वविद्यालय में विज्ञान, अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य से संबंधित कोर्सो में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है।

तकनीकी शिक्षा को नया रूप देने के लिए पर्याप्त बजट आबंटन किया गया है। तकनीकी संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाकर 52,630 की गई है। इसके अतिरिक्त, 11वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक 1.5 लाख लोगों की प्रशिक्षण मानवशक्ति सृजित करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य स्थापित किया गया है।

सरूप सिंह को महान बताया

हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार ने छोटू राम इंजीनियरिंग कालेज, मुरथल का दर्जा बढ़ाकर उसे दीन बंधू छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाया है। डॉ. सरूप सिंह को भाव-भीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुड्डा ने उन्हें हरियाणा का एक महान सपूत बताया और कहा कि उन्हें उनके बहु आयामी व्यक्तित्व के लिए याद किया जाता है। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों से ही शिक्षा के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त कर ली थी।

उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी का प्रोफेसर तथा बाद में विश्वविद्यालय का कुलपति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। डॉ. सरूप सिंह का जन्म उनके पैतृक गांव सांघी में हुआ। नैतिक मूल्यों की हो रही गिरावट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अनथक प्रयासों के बावजूद शिक्षा के स्तर में वांछित सुधार नहीं हुआ है।

तथा यदि आज भारत एक ज्ञान समाज में परिवर्तित हो रहा है तो इसका श्रेय हमारे उत्कृष्ट शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों तथा राजनेताओं को ही जाता है।





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