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सोच में बदलाव लाएं डॉक्टर्स

पंचकूलाराष्ट्रीय प्रोग्राम्स में टीबी को छोड़कर राज्य की परफॉमेर्ंस गिनाने लायक नहीं है। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को अन्य क्षेत्रों में भी गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए भी ज्यादा काम किए जाने जरुरी हैं। स्वास्थ्य महकमे में स्पेशलिस्टों की कमी है। डॉक्टरों के खाली पद जल्द भरे जाएंगे। यह बात सोमवार को ताऊ देवीलाल स्टेडियम में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री करतार देवी ने कही। वे विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहीं थीं।

उन्होंने इस अवसर पर दौड़ को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि आज डॉक्टरों का ध्यान कमाई की ओर ज्यादा है और सेवा भावना कम है। डॉक्टर्स अपनी सोच में परिवर्तन लाएं। पहले से अधिक सेवा से गरीबों की मदद करने का संकल्प लें। इस अवसर पर स्वास्थ्य महकमे की संसदीय सचिव कृष्णा पंडित ने कहा कि स्वास्थ्य महकमा गरीबों को मलेरिया, डेंगू सहित अन्य बीमारियों के प्रति अधिक जागरुक करे।

स्वास्थ्य महकमे की कमिश्नर और सचिव नवराज संधू ने कहा कि बीमारियों से पहले उनकी रोकथाम के कदम उठाए जाने जरूरी हैं। गांवों में स्वास्थ्य सहूलियतों की कमी है। इस ओर ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य सेवाओं की क्वालिटी भी इंप्रूव करनी होगी।

हरियाणा स्वास्थ्य सेवाओं की महानिदेशक डॉ. अविनाश शर्मा ने कहा कि अधिकारी किसी भी तरह की एपेडेमिक को रोकने के लिए सही समय पर रिपोर्टिंग करें। हैल्थ महकमे की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. कमल गिल ने कहा कि क्लाइमेट चेंज का सबसे ज्यादा नुकसान गरीब तबके को होता है।

गरीबों को ही वाटर, फूड, वेक्टर जनित रोग ज्यादा होते हैं। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने अलग-अलग जिलों से आए डॉक्टरों की टुकड़ियों की सलामी ली और टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। उन्होंने स्वास्थ्य महकमे की एथलैटिक मीट शुरु होने की घोषणा भी की। प्रदेश में अच्छा कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मानित किया।

पुरस्कार देंगे: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लिंग अनुपात में इंप्रूवमेंट के लिए अच्छा कार्य करने वाले गांव को 1 लाख रुपए और प्रदेश स्तर पर उस गांव को 5 लाख रुपए पुरस्कार में दिए जाएंगे।

विचार करेंगे:

करतार देवी और कृष्णा पंडित से जब पूछा गया कि पंचकूला के जनरल अस्पताल में गंभीर मरीजों की देखरेख के लिए पूरे इंतजाम क्यों नहीं हैं तो पंडित ने कहा कि महकमा सोच-विचार करेगा कि अस्पताल में ज्यादा सहूलियतें कैसे मुहैया करवाई जाएं। सरकारी अस्पतालों के अनेक डॉक्टरों द्वारा नौकरियां छोड़ने पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी डॉक्टरों के वेतनमान बढ़ाने का फैसला कर लिया है। अब डॉक्टर नौकरी छोड़कर नहीं जाएंगे।





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