भोपालशादी के बाद खुशहाल जिंदगी का सपना लेकर रितु कौर ब्रिटेन पहुंची। हीथ्रो हवाईअड्डे पर पति ने उसका सामान और पासपोर्ट लेकर उसे वहीं एक स्थान पर खड़ा कर दिया और कहा कि वह टैक्सी लेने जा रहा है। रितु खड़ी इंतजार करती रही पर वह लौटकर नहीं आया। उसने वहां मौजूद लोगों को अपनी परेशानी बताई तो वे उसे साउथहॉल के एक गुरुद्वारे में छोड़ आए। उसने फिर अपने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और वापस आ गई। रितु जैसी कितनी ही महिलाएं हैं जो इस तरह से ठगी जाती हैं। इसके बावजूद एनआरआई से शादी मामले में धोखाधड़ी से बचने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा सके हैं।
ये है समस्या की जड़
विदेश में बसे भारतीयांे को हमारे यहां काफी महत्व दिया जाता है। यही वजह है कि जब लड़की के लिए किसी एनआरआई का रिश्ता आता है तो मां-बाप का मानो जैसे सपना सच हो जाता है। बेटी के सुखी और खुशहाल जीवन के लिए वे ‘चट मंगनी पट ब्याह’ की तर्ज पर ठीक से जांच-पड़ताल किए बगैर ही शादी कर देते हैं। भोपाल में भी एनआरआई दूल्हों की मांग जोरों पर है। सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि इस तरह की फर्जी शादियों का पता लगाने में सरकार भी नाकाम ही रही है। अभी तक एनआरआई से शादी मामले में रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य नहीं किया गया है।
उठाए हैं कुछ कदम
कुछ समय पहले ही समुद्रपारीय मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय को सुझाव दिया है कि एनआरआई से शादी के मामले में एक अलग से सेल बनाया जाए जो महिलाओं को कानूनी सलाह उपलब्ध करा सके।
इसके अलावा पासपोर्ट में जीवनसाथी की फोटो को अनिवार्य किया गया है। समुद्रपारीय मंत्रालय कुछ ऐसी पॉलिसीज बना रहा है, जिसके जरिए विदेशों में बसी भारतीय महिलाआंे को असफल शादी से जुड़े मसलों में कानूनी सलाह देने के साथ ही उनकी काउंसिलिंग की जा सके। मंत्रालय ने कुछ समय पहले ‘मैरिज टू ओवरसीज इंडियन’ नाम से एक बुकलेट भी प्रकाशित की थी, जिसमें धोखाधड़ी से बचने के संबंध में गाइडलाइन दी गई थीं। इस बुकलेट का अमेरिका में बसे एनआरआई व्यक्तियों ने विरोध करते हुए कहा था कि इसमें केवल महिलाओं के अधिकारों के बारे मंे बताया गया है और एनआरआई पुरुषों को धोखेबाज कहा गया है।
कैसे बचें
विशेषज्ञों के अनुसार एनआरआई से शादी मामले में धोखाधड़ी से बचने का सबसे सरल रास्ता है शादी से पहले लड़के के बारे में पूरी जांच-पड़ताल। कानूनी विशेषज्ञ कहते हैं कि माता-पिता अपनी बेटी की शादी करने से पहले संबंधित लड़के के बारे में पूरी जानकारी विदेश स्थित दूतावास या अन्य स्रोत्रांे से पता कर लें। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही रिश्ता करें। शादी का रजिस्ट्रेशन होना सबसे अधिक जरूरी है।
शादी के तुरंत बाद रजिस्ट्रेशन करवाएं और इसकी प्रति अपने पास रखें। शादी के वक्त लड़के से एक घोषणा-पत्र तैयार करवा लें। धोखाधड़ी के मामले में ये कानूनी दस्तावेज महिला का पक्ष मजबूत बनाते हैं। ऐसे में ‘चट मंगनी पट ब्याह’ से थोड़ा परहेज करें।
पासपोर्ट शादी या शादी का पासपोर्ट
एनआरआई से शादी को यदि पासपोर्ट वेडिंग कहा जाए तो गलत नहीं होगा। देश में ऐसे कई रैकेट चल रहे हैं, जो भारतीय लड़के की शादी किसी एनआरआई लड़की से करवाते हैं। इस शादी का एकमात्र मकसद शादी के बाद आसानी से मिलने वाला वीजा और पासपोर्ट होता है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा की नागरिकता चाहने वाले युवकों की संख्या अधिक होती है।
कानूनी जटिलताएं बहुत हैं एनआरआई शादियों में सबसे बड़ी जटिलता कानून को लेकर है। दरअसल भारत और विदेश के कानून में बहुत विभिन्नताएं हैं। इसके चलते विदेश में धोखे का शिकार हुई महिला को अपना हक आसानी से नहीं मिल पाता। मसलन हमारे देश में दहेज की मांग करने पर धारा ४९८(ए) के तहत मामला दर्ज कर लिया जाता है, जबकि अन्य देशों मंे ऐसा प्रावधान नहीं है। उस पर लंबी चलने वाली कानूनी प्रक्रिया में कई बार अलग-अलग प्रावधानों की वजह से अपराधी बच जाते हैं। इस तरह की कानूनी जटिलताओं की वजह से धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। -रंजना अग्रवाल, अधिवक्ता