हैम्बर्ग. प्रयोगशाला में तैयार शु्क्राणु की मदद से गर्भधारण कराने में कामयाब हो चुके जर्मन वैज्ञानिकों की टीम ने स्पष्ट किया है कि कृत्रिम शुक्राणु वैसे पुरुषों की मदद कर पाएगा जो संतान पैदा करने में असमर्थ होते हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार कृत्रिम शुक्राणु स्त्री-पुरुष के सह अस्तित्व के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योकि अब महिलाएं चाहें तो अपने जीवनसाथी के बिना भी बच्चे को जन्म दे सकेगी।
डायशलैंडफंक रेडियो के अनुसार जर्मनी स्थित जोयटिंगजेन विश्वविद्यालय के जेनेटिक वैज्ञानिकों ने कृत्रिम शुक्राणुओं की मदद से 65 चूहों का भ्रूण तैयार किया जो भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं से तैयार किया गया था।
मेडिकल विश्वविद्यालय के हूमेन जेनेटिक्स विभाग अध्यक्ष वोल्फगैंग एंजल ने बताया कि इस कृत्रिम शुक्राणु की मदद से अब तक 12 चूहों के बच्चों का जन्म हो चुका है।
जर्मन रेडियो से उन्होंने बताया, ‘‘प्रयोगशाला में हमने कुल 65 भ्रूणों पर काम शुरू किया था, लेकिन उनमें से 12 का ही जन्म हो पाया। उनमें से सात की मृत्यु तीन दिनों के अंदर ही हो गई। मृत्यु का कारण अब तक पता नहीं लग पाया है।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘कह सकते हैं कि अभी सब कुछ प्रारंभिक अवस्था से गुजर रहा है। चूहों पर यदि यह पूरी तरह से लागू हो गया तो मुझे यकीन है कि मनुष्यों पर भी हो जाएगा।’’
यदि ऐसा हुआ तो शुक्राणु की मदद से जरूरतमंद महिला को गर्भवती बनाया जा सकेगा।