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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी.सब्जी का जायका बढ़ाने वाला लहसुन इन दिनों सब्जी मंडी में बड़ी मात्रा में आ रहा है । आलम यह है कि सुबह से ही सब्जी मंडी में गहमा-गहमी शुरू हो जाती हैं और दोपहर तक तेज धूप में भी इस लहसुन की बोली लगती रहती है।
सब्जी मंडी में प्रतिदिन पांच सौ से छह सौ मन ‘लहसुन’ की आवक हो रही है और इसकी खपत बिहार, बंगाल और असम जैसे राज्यों में हो रही है। जिले के गांवों से ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर आने वाले लहसुन की सब्जी मंडी में नीलाम बोली के बाद छटाई, बिनाई और भराई का काम होता है।
यह काम सब्जी मंडी में देर रात तक जारी रहता है। प्लास्टिक के पारदर्शी बोरों में पैंकिग के बाद कमीशन एंजेट ‘लहसुन’ को बिहार, बंगाल और असम के नगरों में पहुंचाने का काम करते हैं। लहसुन के थोक्र विक्रेता और सब्जी मंडी समिति के सचिव सुरेश आहूजा बताते हैं कि प्लास्टिक के पारदर्शी झिलीदार बोरों में लसहुन ठंडा रहता है और इनमें पैंकिग होने के बाद यह जल्दी भी खराब नहीं होता।
श्री आहूजा के मुताबिक लहसुन की छंटाई, बिनाई, भराई और पैंकिग का कार्य स्थानीय स्तर पर कमीशन एंजेट ही मजदूरों से कराते हैं। एक अन्य लहसुन व्यापारी के अनुसार इस साल जिले में ‘लहसुन’ की पैदावार अन्य सालों की तुलना में कम हुई है। बावजूद इसके आने वाले दिनों में ‘लहसुन’ की आवक और भी अधिक बढ़ने की संभावना है,क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों लहसुन की खुदाई का काम चल रहा है।
खास बात यह है कि ‘लहसुन’ की बम्पर आवक से किसान और व्यापारी दोनों ही खुश हैं। वजह यह है कि ‘लहसुन’ का भाव किसानों को अपेक्षा के अनुरूप मिल रहा है। वर्तमान में सब्जियों का स्वाद का बढ़ाने वाला ‘लहसुन’ पांच सौ रुपए मन के आसपास बिक रहा है।
इन जगह होता है अच्छा लहसुन
जिले के ठर्रा, दरौनी, नौहरीकला, राजश्री, रायचंदखेड़ी, बड़ागांव, बड़ौदी, कोलारस क्षेत्र के रामपुर, राजापुर, पड़ोरा आदि क्षेत्रों में लहसुन का उत्पादन होता है।