इंदौर. कक्षा आठवीं के गणित के पर्चे में छात्रों को उस समय अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा जब प्रश्नपत्र में करीब 20 नंबर के प्रश्न ही उलटे छपे मिले जो आधे-अधूरे भी थे। पर्चा सौ नंबर का था। छात्र अधिकारियों की गलती का खामियाजा भुगतकर घर चले गए। इधर जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्रों को उक्त प्रश्नों के बोनस नंबर देने का फैसला किया है।
सोमवार (7 अप्रैल) को भी 5वीं, 8वीं के पेपर की छपाई में हुई गलतियों से छात्र-शिक्षक परेशान हुए थे। अब मंगलवार को 8वीं के छात्रों को गणित विषय की परीक्षा में फिर ऐसी ही दिक्कत झेलना पड़ी। उक्त विषय के सी-सेट में प्रश्न 4 के ‘सी’ भाग सहित प्रश्न 5 व प्रश्न 11 ही गायब थे। जो करीब 20 नंबर के थे। यह परेशानी जिले में आठवीं के करीब 15 हजार छात्रों को भुगतना पड़ी। पेपर का पेज नंबर 4 और पेज 9 मिस प्रिंट था और प्रश्न गायब थे।
सुबह 8.30 से शुरू हुए पेपर को देखकर शिक्षकों ने जनशिक्षक, जनशिक्षकों ने बीआरसी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और उक्त अधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया मगर सभी ने हाथ खड़े कर दिए। शिक्षकों ने छात्रों से स्पष्ट कह दिया कि जो समझ में आए करें। इस संबंध में परीक्षा खत्म होने तक किसी भी तरह के दिशा-निर्देश नहीं आए थे।
परीक्षा खत्म होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी माया मालवीय ने विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर छात्रों को बोनस अंक देने का फैसला किया। बोनस में कितने अंक दिए जाएंगे, यह तय नहीं किया जा सका।
सामान्य गलती
यह सामान्य गलती है। बोर्ड के पेपर में भी मिस प्रिंट हो जाता है। छात्रों को कमेटी द्वारा निर्धारित बोनस अंक दे दिए जाएंगे। पेपर छापने वाले ठेकेदार से बात करेंगे, यदि गलती सिद्ध हुई तो उसके भुगतान में से कुछ राशि काट ली जाएगी।
-माया मालवीय, जिला शिक्षा अधिकारी
कागज की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
विभाग की इस लापरवाही से सैकड़ों छात्र और शिक्षक नाराज नजर आए। उनका कहना है अधिकारी हर साल निर्धारित ठेकेदारों को ठेका देकर अपना स्वार्थ तो पूरा कर लेते हैं और इसका खामियाजा हमें उठाना पड़ता है। जिस कागज पर पेपर छापे गए हैं उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। शिक्षकों ने स्वीकारा कि प्रश्न पत्र के नीचे छूटी जगह में जब छात्र लिखते हैं तो कॉपी फट जाती है। अधिकारियों को बताया मगर कोई फायदा नहीं हुआ।