इंदौर. आईपीएस एकेडमी के छात्रों और मैनेजमेंट का विवाद मंगलवार को कलेक्टर तक जा पहुंचा। वहां कॉलेज मैनेजमेंट ने छात्रों से माफी मांगने की शर्त रखी तो छात्रों ने डीन को हटाने की। आखिर में छात्रों की ओर से कलेक्टर ने माफी मांगी। इस पर समझौता हो गया लेकिन कुछ देर बाद छात्र फिर अड़ गए।
मंगलवार को आईपीएस एकेडमी के फार्मेसी विभाग के 240 छात्र शिकायत लेकर जिला प्रशासन के पास पहुंचे। पहले तो एसडीएम गौतमसिंह ने उनसे बात की लेकिन छात्र नहीं माने। इसी बीच एकेडमी के डायरेक्टर अचल चौधरी व छात्रों के प्रतिनिधि कलेक्टर श्री अग्रवाल के पास पहुंचे।
श्री चौधरी ने अभी तक के रवैये पर छात्रों से माफी मांगने को कहा। वहीं छात्र फार्मेसी के डीन डी.के. जैन को हटाने की मांग कर रहे थे। विवाद बढ़ता देख कलेक्टर ने कहा वे छात्रों की ओर से माफी मांगते हैं। इस पर मैनेजमेंट मान गया और छात्र प्रतिनिधि बुधवार से कॉलेज जाने पर सहमत हो गए लेकिन छात्र प्रतिनिधि जैसे अन्य छात्रों से मिले तो उन्होंने छात्र प्रतिनिधि की बात मानने से इंकार कर दिया।
छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शाम को फिर एसडीएम गौतमसिंह से मिला और डीन को हटाने की बात कही। इस पर श्री सिंह ने कहा यह मेरे बस में नहीं है। वहीं कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा छात्रों को मंगलवार शाम तक रजिस्ट्रार को जवाब देने का कहा गया था जो उन्होंने नहीं दिया। छात्रों ने बताया वे मांग पर कायम हैं और कॉलेज नहीं जाएंगे। वहीं श्री चौधरी ने कहा छात्रों ने अभी तक कोई बात नहीं रखी। कॉलेज मैनेजमेंट समझौते के अनुसार बुधवार से छात्रों के लिए फॉर्मेसी विभाग खुला रहेगा।
छात्र नेतागिरी कर रहे हैं, उन्हें घर बुलाओ
मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने बताया कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा हमारे घर फोन लगाकर परिजन से कहा जा रहा है कॉलेज बंद हो गया है और छात्रों को घर बुला लें, वे नेतागिरी कर रहे हैं। छात्राओं का कहना था उन्हें मंगलवार को होस्टल छोड़ने के लिए कहा था मगर बाद में इस निर्णय को वापस ले लिया गया।