धामनोद (धार). बिजली कटौती के दौरान गर्मी से बचने के लिए केरोसिन चलित जनरेटर से पंखा चलाकर सोना इतना महंगा पड़ा कि धुएं से दम घुटने से पूरा तीन सदस्यीय परिवार ही खत्म हो गया। हादसा पास के बिखरौन में सोमवार रात में हुआ।
रात में बिजली गुल होने के दौरान बैंड मास्टर मयाराम भार्गव (55) ने कमरे में रखा जनरेटर चालू किया और खिड़की-दरवाजे बंद कर पत्नी पूनीबाई (45) व बेटे दीपक (18) के साथ सो गए। इसके बाद जनरेटर का धुआं भरता रहा और तीनों नींद में ही बेहोश हो गए। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे तक जब पड़ोसियों को मयाराम के घर में कोई हलचल नहीं दिखी तो आवाज दी। जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा तो तीनों बेसुध पड़े थे। मयाराम व उनकी पत्नी की सांसें थम चुकी थी जबकि दीपक बेहोश था। अस्पताल ले जाते समय उसने भी दम तोड़ दिया।
पड़ोसियों ने बताया परिवार में तीन ही सदस्य थे। बिजली की परेशानी के चलते कुछ दिन पहले ही उन्होंने जनरेटर खरीदा था। हादसे से गांव में शोक व्याप्त हो गया। दोपहर में तीनों की एक साथ अर्थियां निकली तो देखने वालों की आंखें नम हो गईं। अंत्येष्टि खलघाट में नर्मदा किनारे की गई।