इंदौर.
जमीनें बेचकर धनकुबेर बन रहे इंदौर विकास प्राधिकरण को चालू वित्त वर्ष (2008-09) में 28.52 करोड़ रुपए के लाभ का अनुमान है। मंगलवार को पेश बजट में प्राधिकरण ने चालू योजनाओं को पूरा करने पर ज्यादा जोर दिया है। इसके अलावा शहर के विभिन्न इलाकों में सात नए फ्लायओवर, दो ऑडिटोरियम और एक तारामंडल बनाने की नई योजनाएं हाथ में ली गई हैं। इससे इन इलाकों का महत्व तो बढ़ेगा ही, साथ ही शहर में सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
प्रस्तावित और जारी विकास कार्यो के लिए बजट में 1054.07 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम रखी गई है। नई योजनाओं के लिए कम बजट रखते हुए पुरानी योजनाओं को अच्छी राशि मिली है। हालांकि चालू परियोजनाओं में से ज्यादातर का काम उम्मीद से धीमा चल रहा है। शासन की मंजूरी नहीं मिलने से गैर योजना मद के कई काम अटके पड़े हैं।
मंगलवार को प्राधिकरण के संचालक मंडल ने चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमानों को पारित किया। इसमें 899.37 करोड़ की आय के विपरीत 1054.07 करोड़ रुपए के व्यय प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें गैर योजना मद में करीब 320 करोड़ के काम शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष में प्राधिकरण ने 899.37 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान लगाया है।
नई योजनाएं- स्कीम-152, 155, 165 और आवासीय योजना 168 के सर्वे और नियोजन आदि, स्कीम-155 पर जमीन अधिग्रहण व विकास के लिए बजट में 9.25 करोड़ रुपए रखे गए हैं। सभी योजनाओं से करीब 1000 हेक्टेयर जमीन का विकास होगा।
पीपल्यापाला में तारामंडल
प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी स्कीम 162 (पीपल्यापाला रीजनल पार्क) में प्लेनेटोरियम (तारामंडल) बनाने की योजना शामिल की गई है। 10 करोड़ रुपए की इस योजना के लिए बजट में एक करोड़ रुपए दिए गए हैं।
दो नए ऑडिटोरियम
प्राधिकरण ने स्कीम-97 (4) में और स्कीम-140 में 10-10 करोड़ रुपए के दो नए ऑडिटोरियम बनाने का प्रस्ताव शामिल किया है। इस मद में क्रमश: पांच और एक करोड़ रुपए की राशि दी गई है।
चोइथराम क्षेत्र में नया मेला स्थल
- स्कीम-59 (चोइथराम के पास) में प्राधिकरण ने नया मेला स्थल बनाने की योजना शामिल की है। तीन करोड़ रुपए की इस योजना को एक करोड़ रुपए दिए गए हैं।
मालवा मिल सब्जी मंडी स्कीम-78 में जाएगी
मालवा मिल सब्जी मंडी को स्कीम-78 (रेत मंडी के पास) में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए वहां विभिन्न विकास कार्यो पर 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चालू वर्ष में इस मद के लिए दो करोड़ रुपए रखे गए हैं।
छोटे व्यापारियों के लिए 327 दुकानें
विभिन्न स्कीमों में छोटे व्यावसायियों के लिए 327 दुकानें बनाई जाएंगी। इन पर 20 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इस काम के लिए बजट में चार करोड़ रुपए दिए गए हैं।
चालू योजनाएं
बीआरटीएस पायलट कॉरिडोर- 137.70 करोड़ रुपए की लागत से एबी रोड पर (लंबाई-11.50 किलोमीटर) बन रहे बीआरटीएस पायलट कॉरिडोर के लिए बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। एमआर-9- इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स से रिंगरोड तक (लंबाई साढ़े छह किमी) प्रस्तावित एमआर-9 की लागत 39.74 करोड़ रुपए है। इसके लिए बजट में छह करोड़ रुपए रखे गए हैं।
शिवाजी प्रतिमा-बायपास लिंक रोड- 19.66 करोड़ रुपए की इस निर्माणाधीन रोड (लंबाई-4.75 किमी) के लिए चालू वर्ष में 10 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
सुपर कॉरिडोर (स्कीम-151)- करीब साढ़े नौ किमी लंबे सुपर कॉरिडोर के लिए वित्तीय वर्ष में 42.25 करोड़ रुपए रखे गए हैं। योजना की लागत 500 करोड़ है।
पीपल्यापाला रीजनल पार्क (स्कीम-162)- 125 एकड़ में बन रहे पीपल्यापाला रीजनल पार्क के विकास पर 39.67 करोड़ रुपए खर्च होना हैं। चालू वर्ष में इसके लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- स्कीम-136 के विकास के लिए एक करोड़, स्कीम-134 के लिए 10 करोड़ और स्कीम-140 के लिए 27.80 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। इन आवासीय योजनाओं पर क्रमश: 80, 18.32 और 40 करोड़ रुपए खर्च होना है।
शहरी गरीबों के लिए आवास
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत 12.42 करोड़ रुपए की इस योजना में 885 मकान बनाए जाना हैं। इसके लिए आठ करोड़ रुपए दिए गए हैं। मिशन के अंतर्गत स्कीम-114 (1) में 700 मकानों के लिए बजट में 10 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इस पर 15 करोड़ का खर्च होगा। शहरी गरीबों के लिए आवास जुटाने के लिए वेम्बे के तहत स्कीम-94, 97 (4), 103, 114 (2) और 140 में कुल 3587 घर बनाए जाना हैं। इनमें से 2243 मकान वेम्बे द्वारा चिह्न्ति झुग्गियों और नदी क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित और मेनरोडों से प्रभावित होने वाले विस्थापितों को दिए जाएंगे। शेष 1323 मकानों का आवंटन प्राधिकरण ‘न लाभ, न हानि’ आधार पर करेगा। 35 करोड़ रुपए की इस योजना के लिए 8.10 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
जूनी इंदौर रेल ओवरब्रिज (आरओबी)
17.84 करोड़ की लागत से बन रहे आरओबी के लिए प्राधिकरण ने 3.42 करोड़ की राशि रखी है।
केसरबाग आरओबी
केसरबाग से अन्नपूर्णा रोड तक बन रहे केसरबाग आरओबी के लिए बजट में 10 करोड़ रुपए दिए गए हैं। यह ब्रिज 30 करोड़ रुपए में बनना है।
स्कीम-78 में वृद्धाश्रम
छह करोड़ रुपए में बन रहे वृद्धाश्रम के लिए बजट में तीन करोड़ रुपए रखे गए हैं।
एमवाय हॉस्पिटल में ओपीडी का निर्माण
13.20 करोड़ रुपए की इस योजना के लिए बजट में 11.27 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
नया कलेक्टोरेट
निर्माणाधीन नए कलेक्टोरेट भवन के लिए 20 करोड़ रुपए दिए गए हैं। कुल लागत 31.17 करोड़ है। - स्कीम-139 के अंतर्गत एमआर-10 और रोड के दोनों ओर मौजूद जमीन के विकास के लिए 27.95 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। इसकी लागत 30 करोड़ रुपए आंकी गई है।
पश्चिमी रिंगरोड
चंदननगर से एअरपोर्ट रोड तक (लंबाई दो किलोमीटर) पश्चिमी रिंगरोड का बाकी हिस्सा बनाने के लिए 22 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस पर 24 करोड़ खर्च होना हैं। इसके अलावा पदाधिकारियों ने इस हिस्से को बनाने के लिए 7.85 करोड़ की न्यूनतम निविदा को स्वीकृति दी है।
आयकर ने प्राधिकरण को भी डराया
आयकर ने इस साल प्राधिकरण को भी डरा दिया। सूत्रों का कहना है इसीलिए लाभ कम दर्शाया गया है। पिछले साल के पुनरीक्षित बजट में जहां 384 करोड़ रुपए की आय और 277 करोड़ के व्यय प्रस्तावित किए गए थे वहीं इस साल आय 899.37 करोड़ और व्यय 1054.07 करोड़ के हैं। इस साल अंतिम अवशेष के रूप में 28.52 करोड़ रुपए का लाभ दर्शाया गया है। पिछले साल लाभ के रूप में प्राधिकरण के पास 183.23 करोड़ रुपए का शेष बच गया था इसलिए चालू वित्त वर्ष की आय और व्यय के अंतर की राशि इसी में समाहित हो गई और इस साल का बजट भी फायदे का हो गया।
मास्टर प्लान की तीन नई स्कीमों के लिए 1.55 करोड़
बजट में मास्टर प्लान-2021 में प्रस्तावित मेडिकल हब और ट्रांसपोर्ट हब के लिए 50-50 लाख रुपए रखे गए हैं। स्कीम-168 के लिए क्रमश: 55 लाख रुपए रखे गए हैं। सूत्रों ने बताया तीनों स्कीमों के लिए ज्यादा राशि इसलिए नहीं है क्योंकि ये अभी शुरुआती स्तर पर हैं। अभी दावे-आपत्तियां बुलाकर इनकी सुनवाई, मुआवजा आवंटन और भू अर्जन के काम होना हैं।
सात नए फ्लायओवर
>> पूर्वी रिंगरोड का बंगाली चौराहा
>> पूर्वी रिंगरोड के मालवीय पेट्रोल पंप के पास
>> पूर्वी रिंगरोड का तीन इमली चौराहा
>> सुपर कॉरिडोर (स्कीम-151) पर दो फ्लायओवर और एक रेल ओवरब्रिज
>> एमआर-10-बायपास जॉइंट (स्कीम-159) पर नया फ्लायओवर
इन फ्लायओवरों पर करीब 150 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इनके लिए बजट में 32 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
बजट बैठक में प्राधिकरण अध्यक्ष मधु वर्मा, उपाध्यक्ष माणकचंद सोगानी, चंद्रप्रकाश माखीजा, संचालक टीकम जोशी, विजय मलानी, गायत्री गोविंद बॉथम, मालती डागोर, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर पी.सी. अग्रवाल और प्राधिकरण सीईओ प्रमोद गुप्ता मौजूद थे।
इन्हें भी मिली स्वीकृति
>> अहिल्या उत्सव के लिए 10 लाख रुपए।
>> लता मंगेशकर पुरस्कार अलंकरण समारोह के लिए आठ लाख रुपए।
>> स्कीम-132 और 133 के बीच सिंगल कैरेज वे को कांक्रीट का बनाने और स्टॉर्म वाटर लाइन के लिए 3.18 करोड़।
>> स्कीम-94 (रिंगरोड सेक्टर) ए से ई तक मुख्य मार्ग की तीसरी लेन के डामरीकरण के लिए 3.40 करोड़।
>> मेघदूतनगर, रामनगर, अंजलीनगर और भमोरी दुबे में विकास कार्यो के लिए 1.46 करोड़।
>> स्कीम-54 आवासीय में 24, 18 और 12 मीटर चौड़ी सड़कों के चौड़ीकरण और सीमेंटीकरण के लिए 4.35 करोड़।