सवाई माधोपुर. राज्य सरकार दम ठोक कर कहती है कि उसने जिले के हर गांव और ढाणी में बिजली पहुंचाकर उसे रोशन किया है। बिजली के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर लागों की समस्याओं का निस्तारण किया है, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी जिले के 81 गांवों में ग्रामीण बिजली मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि 26 गांव जो वन क्षेत्र में है वे सौर ऊर्जा से रोशन होने का इंतजार कर रहे हैं।
सवाई माधोपुर ही नहीं है राज्य के अधिकांश जिलों में आज भी ग्रामीणों को बिजली मिलने का इंतजार है। बिजली नहीं होने से इन गांवों के लोग बिजली क्रांति एवं बिजली चलित हर उपकरण से दूर है। निगम कहता है हम प्रयास कर रहे हैं, सरकार कहती है हम बिजली दे चुके है। निगम के अधिकारी बताते है सामान पहुंचाने का प्रयास कर रहे है। सरकार कहती है गांव रोशन हो चुके हैं, लेकिन हकीकत कहती है वहां कल भी अंधेरा था, आज भी अंधेरा है एवं आने वाले दिनों में उजाले की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है।
यह बात सही है कि जिले में ऐसे बहुत से गांव है जिनमें बिजली नहीं है। उन गांवों को एक-दो महीने में राजीव गांधी योजनांतर्गत बिजली की सप्लाई निगम द्वारा करवा दी जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। इस योजना में करीबन 25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैं जिससे टोंक और सवाई माधोपुर में बिजली से वंचित रह रहे गांवों को विद्युतीकृत किया जाएगा।
—पी.एल महावर, सहायक अभियंता
कितने गांवों को बिजली का इंतजार
जहां सवाई माधोपुर जिले में आज भी 81 गांव बिजली का इंतजार कर रहे हैं वही वर्ष 2007 तक राज्य के अलवर में 46, अजमेर में 37, भीलवाड़ा में 125, बांसवाड़ा में 162, भरतपुर में 20, बूंदी में 8, बाड़मेर में 356, बीकानेर में 130, बांरा में 74, चित्तौड़गढ़ में 155, चूरू में 41, डूंगरपुर में 8, धौलपुर में 256, दौसा में 6, हनुमानगढ़ में 156, जालौर में 32, जैसलमेर में 283, झुंझनू 32, जयपुर में कोई नहीं, जौधपुर में 200, कोटा में 18, करौली में 79, नागौर में 104, पाली में 30, राजसमंद में 5, सीकर में 46, सिरोही में 1, श्रीगंगानगर 301, टोंक में 104, उद्यपुर में 336 विद्युतीकृत नहीं है। इतना ही नहीं खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह जिले झालावाड़ में 124 में रहने वाले हजारों ग्रामीणों को वर्ष 2007 तक बिजली मिलने का इंतजार था। निगम का कहना है कि राज्य में इन में से कुछ गांवों को बिजली दे दी गइ है, लेकिन किस-किस को उन्हें खुद पता नहीं है।
सवाई माधोपुर तहसील के रईथा खुर्द, निनोनी, कीरपुरा, गंगापुर तहसील के रेडायल गुर्जर एवं रेंडायल तुर्क, बामनवास तहसील के रघुनाथपुरा, राघोपुरा, गुर्जर कोलेता, डालोर, डांगरा, बाड़ जाहरा, श्यामपुरा, नाहरसिंह पुरा, रामपुरा, बाड़ झारौली, किशनपुर, भंडावल, राधेकी, रामसिंहपुरा, बाड़ कोयला, बाड़ सितोर, कुछावर, बाड़ सांचौली, महरावंड, सुखनंदपुरा, अरपुरा, मीना ठीकरी, बाड़पालासूद, जाखोलास खुर्द, बाड़ सोहन, गोठ, भिनौरा, नानावास, समरथपुरा, मोहम्मदपुरा, बाड़ दोनाईचा आदि गांवों में बिजली नहीं है। इसके अलावा खंडार तहसील के गांव मानरजपुर, हलौंदा, आवंड, भैंरूपुरा, जल्पा खेड़ी, भाटपुरा, लक्ष्मीपुरा, खिरखरी, सेंवतीकलां, किशनपुरा, करमापुर, ग्राही, आंकोदिया, बसोंकलां, बसोखुर्द, भूरीपहाड़ी, डूंगरी, खिदरपुर, बिचपुरी मिश्रान, कूंडला, तालरा, भीर, बानपुर, पिलेरी, बगोरा, परसीपुरा, गोपालपुरा, नाचई आदि गांवों में तथा चौथ का बरवाड़ा तहसील के गांव में कंवरपुर, मुरलीमनोहरपुरा, झारौदा, अभयपुर, ऐचेर, चौकरी, रायपुर, सोलपुर, नारीखुर्द, सिरोही, त्रिलोकपुरा, मानपुर, गणोशगंज, कंवरपुरा, रूपनगर आदि गांवों में बिजली नहीं मिल पाई है।