जयपुर.
राजधानी के व्यस्त जौहरी बाजार में मंगलवार सुबह बैंक खुलते ही हथियारों से लैस पांच डकैत सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में डाका डालकर 19 लाख से अधिक रुपए ले गए। दस मिनट के अंदर यह कारनामा करने के बाद वे बैंक कर्मियों व ग्राहकों को एक कमरे में बंद कर चले गए। यह बैंक माणक चौक थाने व पुलिस मुख्यालय से करीब 300 मीटर दूरी पर है। लूट के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट कर दिया गया।
लुटेरों को पकड़ने के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी सूचना देते हुए सतर्क किया गया है। जयपुर रेंज प्रथम आईजी पी.के.सिंह ने बताया कि जौहरी बाजार की दुकान नं. 177 के ऊपर स्थितबैंक शाखा के वरिष्ठ मैनेजर प्रदीप सरीन, सहायक प्रबंधक आर.के.चावला, लिपिक जी.एन. शर्मा, सफाईकर्मी भगवानदास, चतुर्थ श्रेणी कर्मी किशोर व कालूराम सुबह 10 बजे कार्यालय आ गए थे। इसके बाद हाईवैल्यू चैक जमा कराने वाले तीन ग्राहक भी बैंक में आए, जिनका समय सुबह 10:50 बजे तक ही रहता है। इसी समय पांच व्यक्ति बैंक में आए। उनमें से एक (उम्र 45 वर्ष) बैंक के चैनल गेट पर रिवॉल्वर निकालकर खड़ा हो गया। बाकी चारों (उम्र 20 से 25 वर्ष) में से एक चेक जमा कराने आए तीन व्यक्तियों के पास गया और रिवाल्वर व चाकू निकाल लिया।
तीन डकैत बैंक मैनेजर व अन्य कर्मियों के पास रिवाल्वर व चाकू लेकर पहुंच गए। सभी डकैतों ने एलान किया कि बैंक में डाका पड़ गया है, कोई शोर मचाने की कोशिश न करे, वरना गोली मार दी जाएगी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बैंक कर्मियों व ग्राहकों में दहशत फैल गई। इसके बाद एक डाकू ने मैनेजर पर रिवाल्वर तानकर बैंक में मौजूदा कैश सौंपने के लिए कहा।
मैनेजर ने जब बताया कि स्ट्रोंग रूम की दूसरी चाबी कैशियर के पास है, तो डाकू ने पूछा वह कितनी देर में आएगा। मैनेजर ने कहा- थोड़ी देर में। इसके बाद डकैतों ने ग्राहकों व बैंक कर्मियों को दो कोनों में खड़ा कर दिया। पांच मिनट बाद जैसे ही कैशियर जी.एस.पांडे शाखा में आए तो डकैतों ने उन पर रिवॉल्वर तान दिया और स्ट्रोंग रूम में ले जाकर उनसे एक थैले में कैश भरवा लिया। इसके बाद डकैतों ने बैंक कर्मियों व ग्राहकों को रिकॉर्ड रूम में बंद किया और बाहर से कुंदी लगाकर पहली मंजिल स्थित बैंक से नीचे उतरकर फरार हो गए।
किसी जगह को नहीं छुआ : वारदात के दौरान डकैतों ने किसी भी चीज को हाथ नहीं लगाया, ताकि पुलिस को अंगुलियों के निशान न मिल सकें। डकैतों ने बैंक में घुसने के बाद फोन के तार झटका देकर तोड़ दिए। बैंक की तिजोरी की चाबी भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी किशोर से कैशियर को दिलाई। सभी बैंक कर्मियों व ग्राहकों के मोबाइल स्विच ऑफ करके अपने कब्जे में ले लिए और जाते समय बता गए कि उनके मोबाइल कमरे के बाहर कोने में पड़े हैं।
कैसे लूटा >>
हथियार दिखाकर बैंककर्मियों व चार ग्राहकों को कोनों में बिठाया, कैशियर के आते ही एक थैले में 19 लाख 39 हजार रु. भरवाए।
सिर्फ 10 मिनट >>
डकैतों ने बैंक लूटने में मात्र दस मिनट लगाए। ग्राहकों व बैंक कर्मियों को रिकॉर्ड रूम में बंद कर रुपए ले गए।
पुलिस की नाक तले घटना गंभीर : कटारिया >>
गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने व्यस्त क्षेत्र तथा पुलिस मुख्यालय व थाने से कुछ मीटर की दूरी पर हुई इस घटना को गंभीर बताया है। उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक लुटेरों का सुराग नहीं लग पाया है, लेकिन पुलिस पूरी मुस्तैदी से उनकी तलाश में जुटी है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही सफलता हाथ लगेगी।
अपराधियों के हौसले बुलंद : डीजीपी >>
पुलिस महानिदेशक अमरजोत सिंह गिल ने स्वीकार किया कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद है, जिसके चलते जौहरी बाजार की बैंक डकैती हुई। उन्होंने पुलिस तंत्र को भी पूरी तरह कमजोर माना। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह वारदात हुई उससे लगता है कि डकैत पुलिस और आम जनता से बैखौफ थे, अगर पुलिस का भय होता तो वारदात ही नहीं करते। गिल के अनुसार डकैती का सुराग देने वाले को एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। बैंक प्रबंधन सुरक्षा के प्रति लापरवाह था।