भोपालनिजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं के प्रवेश और शुल्क निर्धारण के लिए नौ पहले गठित समिति के फैसलों के खिलाफ अपील के लिए अब राज्य शासन ने अपीलीय प्राधिकारी की नियुक्ति की है। राज्य शासन ने अपीलीय प्राधिकारी सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वीके अग्रवाल को बनाया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण के बाद से एक साल का होगा।
राज्य सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र में 18 मार्च को निजी शिक्षण संस्थाओं के प्रवेश और शुल्क निर्धारण समिति के फैसलों के खिलाफ अपील के लिए दो-चार दिन में अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त करने का ऐलान किया था। चिकित्सा शिक्षा मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने यह घोषणा की थी।
विधानसभा में घोषणा के बाद अपीलीय प्राधिकारी के लिए सही व्यक्ति की तलाश शुरू हुई और करीब एक सप्ताह बाद जस्टिस वीके अग्रवाल की नियुक्ति आदेश राजपत्र में प्रकाशित किए गए।
नौ महीने पहले हुआ था गठन :
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मप्र में निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश का विनियमन और शुल्क का निर्धारण अधिनियम 2007 बनाया गया है। इसके मुताबिक प्रवेश और शुल्क निर्धारण के लिए पिछले साल जुलाई को समिति का गठन किया था, जिसके अध्यक्ष राजस्थान विवि के पूर्व कुलपति पीएल चतुर्वेदी बनाए गए। इसके फैसलों के खिलाफ प्रोफेशनल कालेज 30 दिन के भीतर जस्टिस अग्रवाल के सामने अपील कर सकेंगे।
जल्द ही काम शुरू करेंगे जस्टिस अग्रवाल: बताया जाता है कि अपीलीय अधिकारी जस्टिस अग्रवाल जल्द ही काम शुरू करेंगे। हालांकि अभी उनके कार्यालय का स्थान तय नहीं हुआ है।