भोपाल प्रदेश के आयुष कालेजों में प्रोफेसर, रीडर, व्याख्याता के आधे से ज्यादा पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। जिन्हें सीसीआईएम (केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद) की चेतावनी के बाद भी निर्धारित समय सीमा में 31 मार्च 08 तक पूरा नहीं भरा जा सका। ऐसे में आयुष कालेजों की मान्यता खतरे में होने से छात्रों का भविष्य अंधकार में है।
राज्य के आयुष (आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी) कालेजों के लिए स्वीकृत कुल 425 पदों में से 245 पद खाली पड़े है। इस कारण कालेजों में छात्रों के साथ ही मौजूदा स्टाफ भी कार्य का बोझ अधिक होने से परेशान होता है।
सीसीआईएम की ओर से केंद्र सरकार एवं प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्धारित मापदंड के अनुसार कालेज में स्टाफ के खाली पद भरने और इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने का नोटिस पूर्व में ही दिया गया था, जिसमें सभी कार्य 31 मार्च 08 तक पूरे करने को कहा गया था। सिफारिशें पूरी नहीं होने की स्थिति में कालेजों को आगामी सत्र 2008-09 में छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति नहीं मिलेगी।
केंद्र सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को संविदा नियुक्ति के आधार पर भी पद भरने की अनुमति दे दी थी। जानकारी के अनुसार शासकीय आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी कालेजों में प्रोफेसर, रीडर, व्याख्याता, प्रदर्शक के कुल 425 पदों में से 245 पद खाली हैं। सबसे अधिक खराब स्थिति आयुर्वेद कालेजों की है। आयुर्वेद कालेजों में 315 पदों में से 187 पद खाली हैंै। होम्योपैथी कालेजों में 64 में से 21 पद और यूनानी कालेजों में 45 में से 37 पद खाली हैंै। शासन स्तर पर लंबे समय से इन पदों को भरने कार्रवाई ही नहीं हुई।
वहीं विभाग में डीपीसी भी पेंडिंग है। इसका ही नतीजा है कि छात्रों को पढ़ाने शिक्षकों का बड़े पैमाने पर टोटा है। प्रोफेसर रीडर के पदों में से 75 प्रतिशत पदोन्नति से और 25 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाने है। व्याख्याता, प्रदर्शक के सभी रिक्त पद सीधी भर्ती से भरे जाने है।
कहां कैसी स्थिति
पद स्वीकृत रिक्त
1-आयुर्वेद कालेज प्रोफेसर 88 71 रीडर 104 80 व्याख्याता 123 36
2-होम्योपैथी कालेज प्रोफेसर 13 09 रीडर 15 11 व्याख्याता 15 01 प्रदर्शक 21 00
3-यूनानी कालेज
प्रोफेसर 14 14 रीडर 14 11 व्याख्याता 17 12
आयुष विभाग में पदोन्नति का मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग है, इस कारण सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पद भरना संभव नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार को स्थिति के संबंध में जानकारी दे दी गई है। जैसे ही कोर्ट के मामले का निराकरण होता है, खाली पद भर लिए जाएंगे।
-ओमेश मूंदड़ा, सचिव एवं प्रभारी संचालक, भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी।