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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. लोकसेवा आयोग ने गड़बड़ी रोकने सिविल सेवा परीक्षा प्रणाली को फुलप्रुफ बनाने का निर्णय लिया है। परीक्षा सिस्टम में फेरबदल कर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा को केवल वस्तुनिष्ठ आधारित बनाया जा रहा है। आयोग ने बकायदा मसौदा बना कर राज्य शासन को सहमति के लिए भेजा है। संभवत: अगले साल से नए पैटर्न पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।
राज्य गठन के बाद पीएससी ने वर्ष 2003 और 2005 में दो बार परीक्षा आयोजित की थी,लेकिन दोनों बार गड़बड़ी के कारण प्रदेश भर में जमकर हंगामा हुआ था। जिससे आयोग की छवि भी धूमिल हुई थी। आयोग के अफसर और पदाधिकारी अगली परीक्षा में गड़बड़ी की आंशका को लेकर सहमे हुए हैं। उनका मानना है कि सिस्टम में खामियों की वजह से ही आयोग की भूमिका पर उंगलिया उठ रही हैं।
लिहाजा प्रणाली में फेरबदल कर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। जानकार सूत्रों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग और दूसरे राच्यों के पीएससी के विशेषज्ञों से राय-शुमारी कर नया प्लान बनाया गया है। नए सिस्टम में दोनों परीक्षाओं में आब्जेक्टिव टाइप प्रश्न रखने का निर्णय लिया जा रहा है।
पेपर सेटरों की कमेटी
प्रारभिंक और मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए भी खास योजना बनाई गई है। तीन स्तरों में प्रश्नपत्र बनवाया जाएगा। सबसे पहले अलग-अलग विषय विशेषज्ञों से 100-100 सवालों के विषयवार प्रश्नपत्र बनवाए जाएंगे। इसके बाद विशेषज्ञों की कमेटी सभी सेट से 15-20 प्रश्न छांटकर कई सेट तैयार करेंगे। अंत में माडरेशन किया जाएगा। इसमें से सलेक्टेड सवालों का सात सेट बनाकर प्रश्न पत्रों को सील बंद कर दिया जाएगा। इन्हें परीक्षा के दिन ही खोला जाएगा।
माडल आंसर नेट पर
प्रारभिंक और मुख्य परीक्षा के माडल आंसर परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद आयोग की वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा, ताकि उम्मीदवार इससे मिलान कर सकें। इसी तरह स्केलिंग और इंटरव्यू के नंबरों को भी सार्वजनिक कर दिया जाएगा। अफसरों की दलील है कि इससे पूरी परीक्षा को पारदर्शी बनाया जा सकेगा और गड़बड़ी व त्रुटियों की गुंजाइश नहीं रहेगी।
प्रस्ताव शासन को
आयोग ने परीक्षा सिस्टम में फेरबदल का पूरा खाका तैयार कर राज्य शासन को भेज दिया है। हालांकि आयोग को शासन की अनुमति की जरूरत नहीं है, लेकिन पीएससी के अधिकारियों का कहना है कि शासन को भी साथ लेकर फेरबदल करना चाहते हैं। शासन की ओर से सुझाव मिलने पर उस पर भी अमल कर सकते हैं। इस फेरबदल पर शासन ने मौखिक सहमति दे दी है। संभावना जताई जा रही है कि 2008 के बाद की परीक्षा में इसे लागू किया जाएगा।
2008 परीक्षा के विज्ञापन जल्द
आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करीब-करीब पूरी कर ली है। सभंवत: एक महीने के भीतर विज्ञापन निकाल दिए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक लगभग 180 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा होगी। इस बार सबसे अधिक करीब 40-50 डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी के पदों पर नियुक्ति होगी।
ओएमआर से मूल्याकंन
आयोग ने वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की जांच ओएमआर मशीन से कराने की तैयारी की है। दो नई मशीनें खरीदी गई है। इसमें साफ्टवेयर लोड किया जा चुका है। 2008 की परीक्षा में पहली बार आवेदन पत्रों की जांच प्रारभिंक परीक्षा में सफल होने वाले ही उम्मीदवारों का किया जाएगा। इसके पहले तक प्रारभिंक परीक्षा में शामिल होने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के आवेदन की जांच की जाती थी। जिसमें समय की काफी बर्बादी होती थी और परीक्षा में विलंब होता था।
विशेषज्ञों का बैंक
आयोग ने इंटरव्यू की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। मप्र, उप्र सहित अन्य राज्यों से विशेषज्ञों की सूची मांगी गई है। यहां के अफसर व सदस्यों ने दूसरे राज्यों का दौरा कर परीक्षा सिस्टम की जानकारी, विशेषज्ञों के नाम, पते और टेलीफोन नंबर जुटा रहे हैं। इसे यहां के कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है।
परीक्षा सिस्टम का नया खाका तैयार है। किस पैटर्न पर परीक्षा ली जाएगी, विस्तृत जानकारियों सहित प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है। मुख्य सचिव से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आयोग कोई भी निर्णय लेने से पहले शासन को विश्वास में लेना चाहता है। 2008 परीक्षा का काम भी अंतिम चरण में है।
-नरेंद्र सिंह भदौरिया, कार्यकारी अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग
नए पैटर्न में क्या
प्रारंभिक परीक्षा में अब ऐच्छिक विषय की अनिवार्यता समाप्त हो सकती है। इसके बजाए सामान्य अध्ययन और मानसिक योग्यता विषय को शामिल किया जा रहा है। सामान्य अध्ययन में इतिहास,भूगोल,सामान्य विज्ञान, अर्थशास्त्र और तात्कालिक घटनाक्रम के सिलेबस को जोड़ा जाएगा।
मानसिक योग्यता में गणित व तार्किक से जुड़े सवाल होंगे। इस प्रश्नपत्र में 70 प्रतिशत प्रश्न सामान्य अध्ययन और 30 प्रतिशत सवाल मानसिक योग्यता से पूछे जाएंगे। मुख्य परीक्षा में मोटे तौर पर वस्तुनिष्ठ आधारित दो प्रश्नपत्र होंगे। पहला ऐच्छिक विषय और दूसरा भाषा ज्ञान का।ऐच्छिक विषय में दो सब्जेक्ट के आधे-आधे सवाल होंगे। इसे हल करने एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। भाषा ज्ञान के प्रश्न प्रत्र में हिंदी व अंग्रेजी ग्रामर से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। कुछ विशेषज्ञों की राय है कि मुख्य परीक्षा में निबंध का पर्चा होना चाहिए। इसके माध्यम से उम्मीदवार की सोच, विचार और लेखन शैली का मूल्यांकन किया जाएगा।