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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur कोरबा. पंडरीपानी ग्राम में स्कूल में संचालित मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लकर पंचायत व महिला समूह आमने-सामने हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत में जनपद पंचायत सीईओ है, जो कलेक्टर के निर्देश के बाद भी अब तक व्यवस्था महिला समूह को नहीं दिला पाए हैं, वहीं सरपंच समेत पंचों ने इस्तीफा की चेतावनी दे डाली है।
मामले का समाधान शीघ्र नहीं खोजा गया तो यहां के विद्यालयों में मध्यान्ह भोज व्यवस्था ठप हो जाएगा और बच्चे खुराग से महरूम हो जाएंगे। दोनों पक्षों द्वारा की जा रही लॉबिंग से यह संभावना काफी बढ़ी है। यह मामला कोरबा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी की है, यहां की सरपंच श्रीमती सरोजनी सिंह है।
पंचायत सूत्रों के मुताबिक पहले मध्यान्ह भोज संचालित करने की जिम्मेदारी पंचायत की ओर से एक पंच को दिया गया था, लेकिन संचालन में गड़बड़ी का आरोप बच्चों व उनके पालकों द्वारा लगाया गया। मामले की जांच भी कराई गई और अनियमितता साबित होने पर यह कार्य पंचायत ने सीधे अपने हाथ में ले लिया। तब से यह व्यवस्था पंचायत की देखरेख में चल रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी व शिकायत का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन आरोप लगाकर व्यवस्था छिनने से संबंधित पंच स्वयं को काफी आहत महसूस कर रहा है।
मौके के ताक में बैठे पंच ने महिला स्वसहायता समूह का गठन कर लिया और कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर आंचल स्वसहायता समूह को शासकीय प्राथमिक शाला पंडरपानी में मध्यान्ह भोजन संचालन का कार्य सौंपने का आग्रह किया। पंचायत प्रतिनिधियों के मुताबिक पंच की पत्नी की समूह की प्रमुख कर्ताधर्ता है।
आवेदन के आधार पर कलेक्टर अशोक अग्रवाल ने 20 फरवरी 2008 को क्र./म.भो./2007-08/688/ जारी कर 6 महिला समूह को अलग-अलग विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन संचालन का आदेश प्रसारित कर दिया। इसमें उन्होंने लिखा है कि कार्यालयीन प.क्र./म.भो./2006-07/6064 दिनांक दो जनवरी 07 के तहत प्रधान पाठक व समूह अध्यक्ष के नाम खाता खोलकर उन्हें अवगत कराए और मीनू के अनुसार प्रतिदिन गरम भोजन बच्चों को दिया जाए। इस पत्र के जारी होने के बाद ग्राम में पुन: बखेड़ा शूरू हो गया है।
पंचायत ने व्यवस्था समूह को देने से मना कर दिया। इस पर समूह की महिलाएं कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर जानकारी दी कि उनके आदेश के बाद भी संचालन व्यवस्था नहीं दी जा रही है, इस पर कलेक्टर ने तत्काल सीईओ जनपद पंचायत को फोन कर बड़ी संख्या में पालक जिला मुख्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि जब व्यवस्था बिना व्यवधान व गड़बड़ी के संचालित हो रहा है तो इसमें फेरबदल करना उचित नहीं है। इस संबंध में उन्होंने ज्ञापन देकर चर्चित पंच की कार्यशैली पर जमकर आक्रोश जताया है।
कलेक्टर के आदेश की अवहेलना
आंचल महिला स्व सहायत समूह की अध्यक्ष श्रीमती शशि प्रभा ने जनपद पंचायत कोरबा के सीईओ पर कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर उनके सामने ही फोन से सीईओ को फटकार लगाते हुए अपने आदेश के पालन नहीं करने के कारण पूछते हुए तत्काल अमल करने का निर्देश दिया।
अन्यथा सरपंच व पंच दे देंगे इस्तीफा
इधर सरपंच व पंचों ने भी महिला समूह के खिलाफ कमर कस लिया है। सरपंच श्रीमती सरोजनी तंवर के मुताबिक मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था समूह को दिया गया तो नौ पंच भी उनके साथ इस्तिफा दे देगें। उन्होंने चुनौती दी है कि व्यवस्था बाबत प्रशासन पहले जांच करा लें, गड़बड़ी या अनियमिता साबित होने पर व्यवस्था समूह को जरूर सौंप दें, लेकिन बिना किसी शिकायत व आरोप के दोषी पंच द्वारा संचालित समूह को यह व्यवस्था कतई नहीं देंगे। पंचों में जोहन बाई, श्रीमती रजमत, चंदाबाई, ननकीराम पटेल, गणोशराम और विद्यानंद पटेल, उत्तमसिंह कंवर, सल्ट्रराम उरांव, तिहारूराम शामिल हैं।
असमंजस में सीईओ
इस विवाद में सीईओ के सामने असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई है। एक ओर कलेक्टर द्वारा जारी आदेश का पालन करना दूसरी ओर सरपंच समेत पंच द्वारा जबरन व्यवस्था परिवर्तन करने पर इस्तीफे की चेतावनी। मामला तुल पकड़ने पर जांच का जिम्मा भी उन्हें ही सौंपा जाएगा, ऐसे में बिना परीक्षण के वे किसी नतीजे पर अब तक नहीं पहुंच पाए हैं, देखना यह है कि देर सबेर वे क्या निर्णय लेते हैं।
सरपंच को कारण बताओ नोटिस
सीईओ एसके खांडेकर ने बताया कि कलेक्टर के आदेश का परिपालन करते हुए पहले सरपंच को प्रभार देने के लिए पत्र दिया गया था। अवमानना करने पर सात अप्रैल को कारण बताओ नोटिस दिया गया है, साथ ही पंचायत इंस्पेक्टर को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि व्यवस्था में गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत नहीं मिली है, लेकिन महिला समूह गठित होने पर यह कार्य उन्हें सौंपा जाना है।