बीकानेर.
दो महीने से अधर में पड़े नगर परिषद के बजट को पारित करवाने के लिए दोनों राजनीतिक दलों के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया है। इस सिलसिले में भाजपा के नेता, पदाधिकारी और पार्षद बुधवार को बैठक कर रहे हैं। भाजपा की बैठक के बाद कांग्रेस चर्चा करेगी। इस प्रक्रिया के बाद अगर सब कुछ सही रहा तो बीकानेर के विकास के नाम पर चालू वित्त वर्ष का बजट पारित हो जाएगा। लेकिन इससे पहले दोनों ही राजनीतिक दलों की ओर से अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के स्वरूप को लेकर अभी से कयासों के बाजार गर्म हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद की ओर से रखे गए बजट के ठीक बाद में सभापति मकसूद अहमद ने भाजपा शहर अध्यक्ष नंदकिशोर सोलंकी से इस संबंध में चर्चा की थी। इसके बाद भी बातचीत का दौर जारी रहा जिसे अब मूर्त रूप मिलने की संभावना है।
बदले हुए हालात में यह तय हो गया है कि कांग्रेस के बोर्ड में बजट पारित करवाने का सारा दारोमदार भाजपा के पार्षदों पर है। हालांकि सामाजिक न्याय मंच के पार्षद भी देवीसिंह भाटी के साथ भाजपा में शामिल नहीं होते तो इतने पार्षदों से बजट पारित हो सकता था लेकिन अब भाजपा का समर्थन बहुत जरूरी हो गया है। बदली हुई स्थितियों में भाजपा की धड़ेबंदी पर भी अंकुश लगा हुआ है। आने वाले चुनावों को देखते हुए कोई भी विरोध का बखेड़ा खड़ा करने के मूड में नहीं है लेकिन फिर भी भाजपा के पार्षदों को मनाना पार्टी के बड़े नेताओ के लिए आसान नहीं होगा।
भाजपा के पार्षदों के पास आरोपों की लंबी फेहरिस्त तैयार है और ऐसी स्थिति में हर पार्षद की इच्छा यही होगी कि उसके सवालों का जवाब मिले। भाजपा शहर अध्यक्ष नंदकिशोर सोलंकी ने बताया कि शहर के विकास के नाम पर कोई दो-राय नहीं है लेकिन पार्टी अपने निर्वाचित पार्षदों की सहमति के बाद ही कोई कदम उठाएगी। हम इसके लिए सकारात्मक प्रयास करेंगे। नगर परिषद सभापति मकसूद अहमद ने बताया कि बजट पारित करवाने के लिए हरसंभव प्रयत्न किए जाएंगे।