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हजारों पी रहे हैं दूषित पानी

कोटा. गर्मी की आहट के साथ ही जिले के नलकूपों व हैण्डपंपों में पानी दूषित होने लगा है। इसका कारण भूमिगत पानी में नालियों का दूषित पानी मिल जाना बताया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जांच के लिए नमूने लेने शुरू कर दिए हैं। अभी तक जांच में नौ स्थानों पर पानी में कोलीफार्म की मात्रा अधिक पाए जाने पर इसे पीने के अयोग्य घोषित कर दिया है। जिले में भूमिगत पानी के दूषित होने की लगातार शिकायतें मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने पानी के नमूने लेकर जांच का शुरू कर दी है। 16 से 29 मार्च तक 63 स्थानों से पानी के नमूने लिए गए हैं। इनमें नौ स्थानों के पानी को पीने योग्य नहीं माना गया है।

अधिकारियों को निर्देश
दूषित पानी के उपयोग को रोकने व संबंधी बीमारियों पर नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जलशुद्धिकरण के लिए पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पावडर व क्लोरीन की गोलियां भेज दी गई है।

विभाग ने की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने पानी के नमूने अशुद्ध पाए जाने पर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी व पीएचईडी के अभियंता को पत्र लिखकर पानी पीने योग्य नहीं होने की बात अंकित करवाने तथा उसे बंद करने के लिए कहा है।

गर्मी की मौसम को देखते हुए विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जलशुद्धिकरण के लिए ब्लीचिंग पावडर व क्लोरीन की गोलियां भेज दी गई है।
—डा. शिवरतन सिंह राठौड़, सीएमएचओ

10 एमपीएन से अधिक कोलीफॉर्म खतरनाक
डा.घनश्याम सोनी के अनुसार 100 एमएल पानी में कोलीफॉर्म की मात्रा 10 एमपीएन (मोस्ट प्रोबेबल नंबर ऑफ कोलीफॉर्म) से कम होने पर पानी पीने योग्य माना जाता है। इससे अधिक कोलीफार्म होने पर पानी दूषित कहा जाता है। कोलीफॉर्म बैक्टीरिया है। जो, पानी में पाया जाता है। इसकी मात्रा बढ़ने से उल्टी-दस्त रोग होने की संभावना रहती है।

दूषित पानी से होती है बीमारियां
दूषित पानी से उल्टी, दस्त, डायरिया, कोलेरा, टायफाइड, आंत्रशोथ व पीलिया हो सकता है।

कैसे बचें :
>> साफ पानी का उपयोग करें।
>> घर की पाइप लाइन की समय-समय पर जांच कराएं।
>> खुले में रखे पेय पदार्थो का उपयोग नहीं करें।
>> उबालकर ठंडे किए पानी का उपयोग करें।
>> हैण्डपम्प के आसपास गंदगी हो तो पानी का उपयोग नहीं करें।

अधिकारी को जांच का पता नहीं
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा करवाई जांच में दूषित मिले पानी के नमूनों के बारे में जलदाय विभाग के अधिकारी अनभिज्ञ हैं। अतिरिक्त मुख्य अभियंता एस.एम.गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाई गई जांच में क्या स्थिति रही, इसकी उन्हें किसी ने जानकारी नहीं दी। यदि कहीं पानी दूषित पाया गया है तो इस पानी का उपयोग बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।

हैंडपम्प के दूषित पानी से बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। क्षेत्र में बनी पानी की टंकी से पानी की सप्लाई शीघ्र शुरू की जानी चाहिए।
—संजय राणावत, सोगरिया

पानी की टंकी बनने के 3 वर्ष बाद भी उससे सप्लाई शुरू नहीं की जा सकी है। इसी कारण लोग हैण्डपम्प का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
—मनोज दुबे, सोगरिया





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