कोटा. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत कोटा जिले का पांच वर्षीय एक्शन प्लान फाइनल, राज्य के स्वास्थ्य निदेशालय ने प्लान को दी हरी झंडी।
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य-चिकित्सा सेवाओं का कायाकल्प करने के लिए 118 करोड़ 47 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे गांवों-कस्बों के लोगों को इलाज की समुचित सुविधा के साथ ही महत्वपूर्ण योजनाओं का फायदा मिल सकेगा।
सरकारी डिस्पेंसरियों-अस्पतालों की बदतर हालत में सुधार किया जाकर आवश्यक उपकरणों व संसाधनों से लैस किया जाएगा। किराए के भवनों में चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे तथा जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त दवाईयां व उच्च स्तर का इलाज मुहैया कराया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं का आधारभूत ढांचा तैयार करने के ये कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत होंगे। योजना के तहत कोटा जिले में कराए जाने वाले कार्र्यो का पांच वर्षीय एक्शन प्लान फाइनल होकर कोटा आ चुका है। इसकी जानकारी देने के लिए 19 अप्रैल को जिला ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की बैठक रखी गई है। यह बैठक मिशन की अध्यक्ष जिला प्रमुख कमला मीणा की अध्यक्षता में होगी।
49 अस्पतालों के भवन बनेंगे
हैल्थ एक्शन प्लान के तहत जिले में 39 उपस्वास्थ्य केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे।
33 गतिविधियों में होंगे कई कार्य
योजना के तहत 33 गतिविधियों पर राशि खर्च की जाएगी। मातृ स्वास्थ्य पर 24 करोड़ 16 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को क्रमोन्नत करने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने पर 37 करोड़ 81 लाख रुपए खर्च होंगे। शेष राशि परिवार नियोजन, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम, मोबाइल मेडिकल यूनिट, अंधता, कुष्ठरोग, मलेरिया एवं क्षयरोग नियंत्रण और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने सहित अन्य गतिविधियों पर खर्च होगी।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य-चिकित्सा संबंधी जरूरतों की पड़ताल करके और जनप्रतिनिधियों की रायशुमारी से संशोधित हैल्थ एक्शन तैयार किया गया है। यह फाइनल होकर आ गया है। इसके तहत होने वाले कार्र्यो से देहात की बदतर चिकित्सा व्यवस्था में जबरदस्त सुधार होगा। कार्र्यो की सही तरीके से क्रियान्विति पर कड़ी नजर रखी जाएगी’।
—कमला मीणा, अध्यक्ष जिला ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं जिला प्रमुख