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Shekhawati Shekhawati अंबिकापुर. स्वास्थ्य विभाग में पिछले दिनों हुई भर्ती में वार्ड ब्वाय के रिक्त पदों पर विशेष जनजाति की श्रेणी में आने वाले आवेदकों के आवेदनों पर विचार ही नहीं किया गया और उक्त पदों पर एसटी वर्ग के अन्य जाति के आवेदकों का चयन कर लिया गया। जबकि जिले की विशेष जनजाति (पंडो व पहाड़ी कोरवा) को किसी भी शासकीय नौकरी में प्राथमिकता देने का प्रावधान है ताकि इनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर पिछले दिनों हुई भर्ती शुरू से ही विवादों के घेरे में रही है। चयन समिति द्वारा मेरिट के आधार पर जो चयन सूची प्रकाशित की गई थी, उसमें चयनित उम्मीदवारों के अंकों को दर्शाया ही नहीं गया था। इसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ। बाद में कलेक्टर के निर्देश पर लिपिक वर्ग के रिक्त पदों पर हुई भर्ती को रद्द कर चयन की प्रक्रिया मेंकंप्यूटर दक्षता की परीक्षा को शामिल किया गया।
अभी इसकी प्रक्रिया चल ही रही है कि वार्ड ब्वाय के रिक्त पदों पर चयनित उम्मीदवारों की सूची से सवाल उठने लगा है। विभाग द्वारा उक्त पद के लिए आए उम्मीदवारों के आवेदनों में पंडो जाति के आवेदकों के नामों को शामिल ही नहीं किया गया, जबकि विशेष जनजाति का दर्जा प्राप्त होने से शासन द्वारा इन्हें किसी भी शासकीय नौकरी में प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग में वार्ड ब्वाय के रिक्त पदों की भर्ती में इसका ख्याल ही नहीं रखा गया।
जबकि रिक्त 21 पदां के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 6 पंडो जनजाति के आवेदकों द्वारा आवेदन किया गया था। उल्लेखनीय है कि जिले की दो जनजातियां पंडो एवं पहाड़ी कोरवा को विशेष जनजाति का दर्जा प्राप्त है। इनके संरक्षण एवं जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए शासन द्वारा सुविधाएं दी जाती है। पहाड़ी कोरवा तो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाते हैं। इन सब के बावजूद भी रिक्त 21 पदों में से एसटी वर्ग के 11 पदों में उक्त जनजाति के एक भी उम्मीदवारों का चयन नहीं किया गया है जिससे पूरी भर्ती ही सवालों के घेरे में है।
पंडो आवेदक दरकिनार
वार्ड ब्वाय के रिक्त 21 पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं निर्धारित की गई थी। इसके लिए पंडो जाति के भटगांव निवासी संगीत कुमार, मोहरलाल, शिवचरण, रामचरण, उदयपुर निवासी अजेश राम तथा सूरजपुर निवासी देवलाल ने आवेदन किया था। सभी निर्धारित योग्यता रखते हैं। इसके बाद भी एसटी वर्ग के लिए निर्धारित 11 पदों के कोटे में इनमें से किसी का चयन नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि विशेष जनजाति को एसटी वर्ग में रखा जाता है, लेकिन योग्यता रखने पर इन्हें प्राथमिकता दी जाती है।
समिति के पदाधिकारियों के अलग-अलग बयान
इस पूरे मामले में भर्ती समिति के पदाधिकारियों के अलग बयान हैं। इस संबंध में अपर कलेक्टर व्ही. के. धुर्वे ने कहा कि उक्त पद के लिए पंडो जाति के आवेदन आए थे, उन्हें नहीं पता है। यदि ऐसी बात है तो एक बार फिर से मेरिट लिस्ट को रिवाइज किया जाएगा और नियमों के तहत उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं सीएमओ डा. अमर सिंह ठाकुर ने कहा कि सीधी भर्ती में विशेष जनजाति को प्राथमिकता देने का प्रावधान नहीं है। बैकलाग की भर्ती में उक्त जाति के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रावधान है- गढ़ेवाल
इस संबंध में अजजा विभाग के आयुक्त ए. के. गढ़ेवाल ने कहा कि सीधी भर्ती की प्रक्रिया में विशेष जनजाति के लोगोंे को यदि वे योग्यता रखते हैं तो प्राथमिकता देने का प्रावधान शासन द्वारा तय किया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्ती पर कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि शिक्षाकर्मी की भर्ती में विशेष जनजाति के लोगों को प्राथमिकता देने की सूचना संबंधित विभागों को दी गई है। उल्लेखनीय है कि जिले में पूर्व में शिक्षाकर्मी की भर्ती सीधी प्रक्रिया से होती रही है।