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कापियां 50 हजार, जांचने वाले 50

जांजगीर. दसवीं-बारहवीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य धीमी गति से चल रहा है। बोर्ड द्वारा भेजी गई ढाई लाख उत्तर पुस्तिकाओं में अब तक सिर्फ ३६ हजार ही जंच पाई हैं। संस्कृत की उत्तर पुस्तिकाएं यहां थोक के भाव में भेजी गई हैं। पर संस्कृत विषय के शिक्षक की कमी के चलते मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शाउमावि क्र १ में ३ अप्रैल से शुरू हुआ। मूल्यांकन कार्य के लिए करीब ४ सौ शिक्षकों की डच्यूटी लगाई गई है। मूल्यांकन कार्य को ५ दिन हो गए, जिसमें अब तक १२ वीं में १२ हजार ७२क् उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हुई है। कक्षा १क् वीं में २४ हजार १७२ उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हो सकी है। कक्षा १२ वीं की रसायन, संस्कृत व विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच तो लगभग समाप्ति की ओर है, पर अन्य विषयों की जांच संबंधित विषय के शिक्षकों की कमी के चलते मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है।

संस्कृत विषय की आई 50 हजार कापियां
मूल्यांकन केंद्र में कक्षा दसवीं की ५क् हजार उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई हैं। उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या के हिसाब से केंद्र में संस्कृत विषय के ४क् से ५क् शिक्षक ही उपलब्ध हैं। शिक्षक कम होने से मूल्यांकन कार्य में गति नहीं आ पा रही है। जिससे नहीं लगता कि मूल्यांकन कार्य निर्धारित तिथि तक हो पाएगा।

शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा ने किया डिस्टर्व
६ अप्रैल को शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा थी। जिसमें २५ प्रतिशत मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों ने परीक्षा में भाग लिया था। परीक्षा की तैयारी के चलते इन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य में रुचि नहीें ली थी। अब तक मूल्यांकन कार्य में गति नहीं आ पाई है।

मोबाइल का मोह पीछा नहीं छोड़ रहा
मूल्यांकनकर्ताओंे को मोबाइल का मोह पीछा नहीं छोड़ रही। लगभग सभी मूल्यांकनकर्ताओं की पाकेट में मोबाइल की घंटी घनघनाती रहती है। मूल्यांकन केंद्र में इसके उपयोग में बोर्ड ने कड़ा प्रतिबंध लगाया है, पर नियम ताक पर रखकर बिंदास बातें की जा रही हैं। इसके चलते मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है, वहीं बोर्ड की गोपनीयता भंग हो रही हैे।

शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा के चलते मूल्यांकन कार्र्र्य प्रभावित हुआ है। अब मूल्यांकन कार्य ने गति पकड़ ली है। मोबाइल पर प्रतिबंध लगाया गया है, पर शिक्षक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
-बी.के. शर्मा,बोर्ड सदस्य

संस्कृत विषय को छोड़कर सभी विषयों के पर्याप्त मूल्यांकन कर्ता हैं। निर्धरित तिथि तक मूल्यांकन कार्य हो जाए, ऐसा प्रयास किया जा रहा है।
-अंजना खाखा,मूल्यांकन केंद्र प्रभारी





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