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सोच का दायरा बढ़ाएं

आपकी उलझन का हल बता रही हैं नफीसा अली

मैं और मेरे पति पेशे से टीचर हैं। हमारा एक ही बच्च है और उसका मानसिक विकास दस साल के बाद रुक गया है। अब वह २५ साल का है, लेकिन हरकतें दस साल के बच्चे की तरह हैं। हम दोनों हमेशा इस बात को लेकर बहुत तनावग्रस्त रहते हैं कि हमारे बाद बेटे का क्या होगा? - सविता व मोहन शर्मा,

जो बच्चे किसी भी रूप में (शारीरिक या मानसिक) कमजोर होते हैं वे सामान्य बच्चों से कुछ अलग होते हैं। इन्हें खास देखभाल के साथ ही खास शिक्षा की भी आवश्यकता होती है। आपको चिंता करने की बजाय चिंतन करना चाहिए कि बच्चे के शौक क्या हैं? और किस चीज में उसका ज्यादा मन लगता है। इसके अनुसार ही उसे प्रशिक्षित करें, जैसे यदि वह पेंटिंग अच्छी करता है तो उसे उसी क्षेत्र में ट्रेनिंग दें। खिलौनों से खेलने में रुचि लेता है तो बताएं कि यह खिलौने कैसे बनते हैं और किसका क्या मतलब होता है। लाचार समझने की बजाय उसमें हुनर पैदा करें और उसे आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

मेरी दो बेटियां हैं। छोटी बेटी दिखने में सुंदर है, जबकि बड़ी बेटी सामान्य है। शादी के लिए जो भी बड़ी बेटी को देखने आता है वह छोटी की सुंदरता के कारण उसे पसंद कर लेता है। इससे शादी में रुकावट आने के साथ ही बड़ी बेटी तनाव व हीनभावना का शिकार हो रही है। मैं ऐसा क्या करूं कि बड़ी बेटी का आत्मविश्वास बना रहे?- भगवती देवी

जो लोग सिर्फ लड़की का चेहरा देखकर उससे शादी करने को तैयार हो जाएं, उन्हें मैं समझदार इंसान नहीं मानती। आप अपनी बेटी को समझाएं कि सुंदरता का अर्थ केवल चेहरे की सुंदरता नहीं होता, अच्छे गुणों का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि संस्कार व सोच अच्छी है तो आप मानसिक रूप से बहुत सुंदर इंसान हैं। आपने यह नहीं बताया कि आपकी बेटी नौकरी करती है या नहीं? यदि वह जॉब नहीं करती तो उसे कहें कि जिंदगी में अच्छी शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर होना भी जरूरी है। पहले आप बेटी को आत्मनिर्भर बनाएं तभी उसके अंदर आत्मविश्वास पैदा होगा, फिर शादी के विषय में सोचें।

मैं और मेरे पति दोनों नौकरी करते हैं। इस साल हुए इनक्रीमैंट से मेरी तनख्वाह पति से ज्यादा हो गई है। मैं महसूस कर रही हूं कि तब से पति का व्यवहार मेरे साथ पहले जैसा नहीं रहा। कई बार वे मुझे तनख्वाह ज्यादा होने का ताना भी दे चुके हैं। पति की इस सोच को कैसे बदल सकती हूं?- भावना रानी

पुरुष अपने अहम की वजह से छोटी-छोटी बातों को भी बड़ा बना देते हैं। आपने जिस बात का जिक्र किया है, मेरे नजरिए में यह कोई समस्या ही नहीं है। आपके पति से कहना चाहूंगी कि आपको तो खुश होना चाहिए कि आपकी पत्नी की तरक्की हुई है। उस तरक्की को सैलिब्रेट करना चाहिए और आप अपनी पत्नी को ज्यादा तनख्वाह होने पर ताने दे रहे हैं। अपनी सोच का दायरा बढ़ाएं और पत्नी की कामयाबी पर खुश होने के साथ गर्व करना सीखें, ठीक वैसे ही जैसे वे आपकी तरक्की पर गर्व करती हैं।





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