नई दिल्ली.
अमेरिकी सरकार ने पहली बार किसी लामा को वीजा दिया है। तिब्बतियों के 17वें धर्मगुरु ओयांग तोरजे को अमेरिकी वीजा मिला है। गौरतलब है कि धर्मशाला में रहने वाले ओयांग तोरजे 2000 में 14 साल की उम्र में ही तिब्बत छोड़कर भारत आ गए थे।
सूत्रों ने बताया कि तिब्बतियों के 17वें धर्मगुरु ओयांग तोरजे एक पखवाड़े के लिए अमेरिका जा रहे हैं। मौजूदा स्थिती में जब तिब्बती हिंसा को लेकर दुनिया भऱ में चीन की आलोचना हो रही है और बीजिंग ओलपिक मशाल यात्रा का भी विरोध चल रहा है। ऐसे में ओयांग तोरजे की अमेरिकी यात्रा से चीन काफी सकते में हैं।
सूत्रों के अनुसार चीन के विश्व समुदाय को करमापा लामा से दूर रहने की चेतावनी दी है। चीन का मानना है कि लामा तिब्बत को चीन से अलग करना चाहते हैं। चीन भारत सरकार पर ओयांग तोरजे के अमेरिकी वीजा पाने में मदद करने को लेकर काफी नाराज है। चीन इसका विरोध दर्ज कराने का मन बना रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते ही दलाई लामा के इशारा किया था कि अब वे किसी युवा को धर्मगुरु बनाना चाहते हैं। दलाई लामा ने कहा था कि बहुत से पढ़े -लिखे और युवा धार्मिक गुरु हैं। अब वक्त आ गया है कि वे इस ओहदे को ग्रहण करें।