नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर दिया गया है। भरोसेमंद सरकारी सूत्रों के अनुसार यह हैकिंग चीन से की गई है।
विदेश मंत्रालय के कम्प्यूटर सिस्टम में सेंधमारी का खुलासा पिछले माह एक ऑडिट के दौरान हुआ। इस जानकारी से चिंतित सरकार ने अब पूरी दुनिया में स्थित भारतीय दूतावासों की साइबर सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष दल भेजने का फैसला किया है। शुरुआत चीन स्थित भारतीय दूतावास से ही होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य तौर पर उन सुरक्षित कम्प्यूटरों में सेंधमारी की गई है, जिनमें भारत की विदेश नीति और इसके विदेश स्थित दूतावासों से संबंधित बेहद गोपनीय जानकारी होती है।
संदेह के घेरे में चीनी हैकर : सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियों के इंटरनेट ऑडिटरों ने इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस और मीडिया एक्सेस कंट्रोल (मैक) के जरिये हैकरों के मूल स्थान का पता लगा लिया है। इससे उनके चीन में होने की पुष्टि होती है।
कैसे हुआ होगा?कुछ बड़े अधिकारियों के अलग कम्प्यूटरों पर भी हैकिंग के बारे में जानकारों का कहना है कि हालांकि ये लोकल एरिया नेटवर्क से जुड़े होंगे, लेकिन कभी लापरवाही के कारण इंटरनेट का उपयोग भी किया गया होगा, जिससे हैकरों को मनचाहा मौका मिल गया होगा।दूसरा मौका है यह :चीनी हैकरों के संगठित हमले का यह दूसरा मामला है। इससे पहले अक्टूबर 2007 में भी इसी तरह का हमला किया गया था। उस वक्त तो चीनी हैकरों ने पेंटागन में अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स और इंग्लैंड सहित कई देशों की सरकारी वेबसाइटों की हैकिंग कर ली थी।